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Market view : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड कमजोर, 22200 तक फिसल सकता है निफ्टी

Market view : मिड और स्मॉल कैप से नज़रिए से देखें तो अभी चल रहा करेक्शन काफ़ी तेज़ और कम समय में हुआ है। अपने अब तक के हाई से Nifty अब 14% से ज़्यादा नीचे गिर गया है। यह गिरावट सिर्फ़ 52 ट्रेडिंग सेशन में आई है। यह हाल के समय में आई सबसे तेज़ गिरावटों में से एक है। तकनीकी तौर पर देखें बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमज़ोर बना हुआ है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 23, 2026 पर 5:28 PM
Market view : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड कमजोर, 22200 तक फिसल सकता है निफ्टी
Market cues : आगे बैंक निफ्टी के लिए 51900–52000 का ज़ोन एक तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। जब तक इंडेक्स 52000 के नीचे रहता है, तब तक और नीचे जाने का जोखिम बना रहने की संभावना है

Market view : हफ़्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन में,घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स निफ़्टी में एक और तेज़ 'गैप-डाउन'ओपनिंग देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक अनिश्चितता का बढ़ना था। पूरे सेशन के दौरान निगेटिव माहौल बना रहा। लगातार बने बिकवाली के दबाव के चलते इंडेक्स पूरे दिन लाल निशान में ही रहा। आखिरकार, निफ़्टी 22500 के स्तर के करीब बंद हुआ। इसमें आज 2.60% की भारी गिरावट देखने को मिली। खास बात यह है कि यह अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल था। निफ्टी ने एक लंबी और बड़ी 'बेयरिश कैंडल' बनाई। ये बाजार में मंदी कायम रहने और जोखिम से बचने के सेंटीमेंट का संकेत है।

मिड और स्मॉल कैप से नज़रिए से देखें तो अभी चल रहा करेक्शन काफ़ी तेज़ और कम समय में हुआ है। अपने अब तक के हाई से Nifty अब 14% से ज़्यादा नीचे गिर गया है। यह गिरावट सिर्फ़ 52 ट्रेडिंग सेशन में आई है। यह हाल के समय में आई सबसे तेज़ गिरावटों में से एक है। तकनीकी तौर पर देखें बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे चला गया है। मोमेंटम बेस्ड इंडिकेटर लगातार भारी गिरावट के संकेत दे रहे हैं,जिससे नियर टर्म में बाजार में स्थिरता आने के बहुत कम आसार दिख रहे हैं।

स्टॉक स्पेसिफिक नजरिए से देखें तो श्रीराम फाइनेंस,टाइटन और ट्रेंट निफ्टी पैक में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे। इन्हें भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। इसके विपरीत,HCL टेक्नोलॉजीज़ और पावर ग्रिड ब्रॉडर मार्केट की कमज़ोरी के बावजूद बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे और इस बड़े पैमाने पर आई गिरावट के बीच मुनाफा कमाने वाले कुछ चुनिंदा शेयरों में शामिल रहे। सेक्टोरल नज़रिए से देखें तो,सभी अहम सेक्टोरल इंडेक्स कारोबारी सत्र के अंत में गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे यह साफ़ हो गया कि बिकवाली का असर पूरे बाज़ार पर पड़ा है। इनमें से,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।

सावधानी भरे माहौल के बीच,वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX आज के सत्र के दौरान 17% से ज़्यादा बढ़ गया। ये मार्केट में डर और अनिश्चितता की भावना में भारी उछाल का संकेत है। India VIX जून 2024 के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुआ। ये बाज़ार में जोखिम की आशंका और बढ़ती घबराहट को दिखाता है।

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