Market View : क्रूड और डॉलर-रुपया जिस तरीके से बिहैव कर रहा है उसको देखते हुए बाजार कुछ ज्यादा ही मजबूती दिखा रहा है। निफ्टी अभी भी अपने हाल के निचले स्तरों से काफी मजबूती दिखा रहा है। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए क्वेस्ट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के सीआईओ और पोर्टफोलियो मैनेजर राकेश व्यास ने कहा कि क्रूड और डॉलर-रुपये की स्थिति को देखते हुए बाजार का माहौल थोड़ा चैलेंजिंग है। फिर भी अभी तक जो नतीजे आए हैं वो काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं। बाजार के लिए बड़ी चिंता ये है कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तरों पर बनी रही तो रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। इसका कुछ असर हमें अर्निंग्स पर भी दिखेगा।
अगले हफ्ते से स्थितियां कुछ साफ होने लगेंगी। अगली दो-तीन तिमाहियों में स्थितियां धीरे-धीरे नॉर्मलाइज होने लगेगी। ऐसे में हमें अर्निंग्स में करीब 10 फीसदी की ग्रोथ की उम्मीद दिख रही है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार मजबूती दिखा रहा है।
एफएमसीजी शेयरों पर बात करते हुए राकेश व्यास ने कहा कि अभी तक के इनके नतीजों से पता चलता है इनके वॉल्यूम में 5-6% फीसदी की ग्रोथ आई है। नेस्ले के नतीजे थोड़े ज्यादा बेहतर हैं। लेकिन अगर एलिनो का इंपैक्ट आया तो उसकी वजह से रूरल इकोनमी पर निगेटिव असर देखने को मिल सकता है। इसका असर एफएमसीजी सेक्टर का स्टेपल कंपनियों पर जरूर देखने को मिलेगा। ये कंपनियां रूरल इकोनमी पर काफी ज्यादा निर्भर हैं। हाल के करेक्शन के बाद इन कंपनियों के वैल्यूएशन थोड़ा सस्ते हुए थे। लेकिन इनकी अर्निंग ट्रेजेक्टरी के हिसाब से देखने तो वैल्यू्यूएशन में अभी भी मिसमैच है।
इस सेगमेंट की बहुत सारी कंपनियां 40-50 गुन फॉरवर्ड अर्निंग पर ट्रेड कर रही हैं। वहीं, इनकी अर्निंग ग्रोथ की संभावन 10% या मुश्किल से डबल डिजिट में दिख रही है। ऐसे में वैल्यूएशन में थोड़ा मिसमैच है। ऐसे में इस सेक्टर को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत। इस सेगमेंट कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी स्पेस पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। यहां पर अभी भी काफी अच्छा ग्रोथ ट्रैक्शन दिख रहा है। इसके अलावा फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स, रिटेल और ऑटो में भी ग्रोथ की अच्छी संभावना है।
उन्होंने आईटी सेक्टर पर बात करते हुए कहा कि इसको दो पार्ट में डिवाइड करना सही रहेगा। पहला है लार्जकैप आईटी, जहां पर अभी भी ग्रोथ ट्रेजेक्टरी बहुत सुस्त है। आप अगर इनकी मैनेजमेंट कमेंट्री भी देखें तो पता चलता है कि अक्रॉस द बोर्ड सब लोग बहुत लो सिंगल डिजिट कांस्टेंट करेंसी ग्रोथ की बात कर रहे हैं। कुछ नेगेटिव ग्रोथ की भी बात कर रहे हैं। इनकी कमाई पर एआई का डिफ्लेशनरी प्रेशर साफ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा इनको रुपए की कमजोरी का फायदा भी लंबे टाइम तक नहीं मिलता। यह मोस्टली पास ऑन हो जाता है। ऐसे में इनकी मार्जिन भी कोई बहुत ज्यादा इंप्रूव होती नहीं दिखेगी। लार्ज कैप आईटी में अर्निंग ग्रोथ ट्रेजेक्टरी अभी भी बहुत वीक है। अगर आप फ्री कैश फ्लो ईल्ड या डिविडेंड ईल्ड के आधार पर देखेंगे तो वैल्यू्यूएशंस अट्रैक्टिव है। लेकिन अभी अगर स्ट्रांग ग्रोथ की बात करें तो वो मिसिंग है।
राकेश व्यास ने बताया कि मिड कैप आईटी या प्रोडक्ट कंपनीज़ में उनकी होल्डिंग है। लेकिन अभी नई खरीदारी की सलाह नहीं है। ओरेकल फाइनेंसियल सर्विसेज में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। इसके वैल्यूएशन भी काफी अच्छे हैं। मिड कैप आईटी स्टक्स जो आईटी सर्विज में है वहां अभी भी अच्छी खासी ग्रोथ दिखाई देती है। ये स्टॉक्स भी सेक्टर के साथ काफी करेक्ट हुए हैं। ऐसे में इस सेगमेंट में धीरे-धीरे एक्सपोजर बढ़ाने की रणनीति होनी चाहिए।
राकेश व्यास ने कहा कि वह काफी टाइम से कैपिटल मार्केट स्पेस को लेकर पॉजिटिव हैं। एक्सचेंजेस,एएमसी और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों में ग्रोथ की अच्छी संभावना है। लंबी अवधि में यह सेक्टर काफी अच्छा रिटर्न दे सकता है।
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