Get App

Market View : FMCG सेक्टर पर दिख सकता है कमजोर मानसून का असर, कैपिटल मार्केट शेयरों में दिख रहा दम

Market View :एफएमसीजी शेयरों पर बात करते हुए राकेश व्यास ने कहा कि अभी तक के इनके नतीजों से पता चलता है इनके वॉल्यूम में 5-6% फीसदी की ग्रोथ आई है। नेस्ले के नतीजे थोड़े ज्यादा बेहतर हैं। लेकिन अगर एलिनो का इंपैक्ट आया तो उसकी वजह से रूरल इकोनमी पर निगेटिव असर देखने को मिल सकता है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड May 01, 2026 पर 3:36 PM
Market View : FMCG सेक्टर पर दिख सकता है कमजोर मानसून का असर, कैपिटल मार्केट शेयरों में दिख रहा दम
Market View : राकेश व्यास ने बताया कि मिड कैप आईटी या प्रोडक्ट कंपनीज़ में उनकी होल्डिंग है। लेकिन अभी नई खरीदारी की सलाह नहीं है

Market View : क्रूड और डॉलर-रुपया जिस तरीके से बिहैव कर रहा है उसको देखते हुए बाजार कुछ ज्यादा ही मजबूती दिखा रहा है। निफ्टी अभी भी अपने हाल के निचले स्तरों से काफी मजबूती दिखा रहा है। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए क्वेस्ट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के सीआईओ और पोर्टफोलियो मैनेजर राकेश व्यास ने कहा कि क्रूड और डॉलर-रुपये की स्थिति को देखते हुए बाजार का माहौल थोड़ा चैलेंजिंग है। फिर भी अभी तक जो नतीजे आए हैं वो काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं। बाजार के लिए बड़ी चिंता ये है कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तरों पर बनी रही तो रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। इसका कुछ असर हमें अर्निंग्स पर भी दिखेगा।

अगले हफ्ते से स्थितियां कुछ साफ होने लगेंगी। अगली दो-तीन तिमाहियों में स्थितियां धीरे-धीरे नॉर्मलाइज होने लगेगी। ऐसे में हमें अर्निंग्स में करीब 10 फीसदी की ग्रोथ की उम्मीद दिख रही है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार मजबूती दिखा रहा है।

एफएमसीजी शेयरों पर बात करते हुए राकेश व्यास ने कहा कि अभी तक के इनके नतीजों से पता चलता है इनके वॉल्यूम में 5-6% फीसदी की ग्रोथ आई है। नेस्ले के नतीजे थोड़े ज्यादा बेहतर हैं। लेकिन अगर एलिनो का इंपैक्ट आया तो उसकी वजह से रूरल इकोनमी पर निगेटिव असर देखने को मिल सकता है। इसका असर एफएमसीजी सेक्टर का स्टेपल कंपनियों पर जरूर देखने को मिलेगा। ये कंपनियां रूरल इकोनमी पर काफी ज्यादा निर्भर हैं। हाल के करेक्शन के बाद इन कंपनियों के वैल्यूएशन थोड़ा सस्ते हुए थे। लेकिन इनकी अर्निंग ट्रेजेक्टरी के हिसाब से देखने तो वैल्यू्यूएशन में अभी भी मिसमैच है।

इस सेगमेंट की बहुत सारी कंपनियां 40-50 गुन फॉरवर्ड अर्निंग पर ट्रेड कर रही हैं। वहीं, इनकी अर्निंग ग्रोथ की संभावन 10% या मुश्किल से डबल डिजिट में दिख रही है। ऐसे में वैल्यूएशन में थोड़ा मिसमैच है। ऐसे में इस सेक्टर को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत। इस सेगमेंट कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी स्पेस पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। यहां पर अभी भी काफी अच्छा ग्रोथ ट्रैक्शन दिख रहा है। इसके अलावा फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स, रिटेल और ऑटो में भी ग्रोथ की अच्छी संभावना है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें