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Meesho में तगड़ी बिकवाली, शेयर 10% लुढ़का; दो वजहों से लगा बड़ा झटका

Meesho Share Price: मीशो को साल 2015 में विदित आत्रे और संजीव बरनवाल ने शुरू किया था। डिमांड नोटिस आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 156 के तहत जारी किया है। कंपनी डिमांड को चैलेंज करने का प्लान बना रही है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 09, 2026 पर 4:06 PM
Meesho में तगड़ी बिकवाली, शेयर 10% लुढ़का; दो वजहों से लगा बड़ा झटका
आयकर विभाग ने Meesho से लगभग 1500 करोड़ रुपये के इनकम टैक्स की डिमांड की है।

ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो (Meesho) के शेयरों में 9 मार्च को 10 प्रतिशत की गिरावट दिखाई दी। BSE पर कीमत 143.20 रुपये के लो तक चली गई और लोअर सर्किट लग गया। यह शेयर का रिकॉर्ड लो है। बिकवाली के दबाव के दो अहम कारण हैं। पहला कंपनी को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए मिला करीब 1,500 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस। दूसरा लॉक इन पीरियड खत्म होने से 2 प्रतिशत इक्विटी का ट्रेड के लिए फ्री हो जाना।

पहले बात करते हैं इनकम टैक्स डिमांड नोटिस की। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि डिमांड नोटिस आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 156 के तहत जारी किया है। साथ ही कंपनी को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 143(3) के तहत एक असेसमेंट ऑर्डर भी जारी हुआ है। मीशो के मुताबिक, आयकर विभाग ने उससे 14,99,73,82,840 रुपये या लगभग 1500 करोड़ रुपये के इनकम टैक्स की डिमांड की है। इसमें ब्याज भी शामिल है। कंपनी ने कहा है कि वह असेसमेंट ऑर्डर में किए गए ऑब्जर्वेशंस और एडजस्टमेंट्स से सहमत नहीं है और डिमांड को चैलेंज करने का प्लान बना रही है।

कंपनी का मानना ​​है कि उसके पास कानून और तथ्यों के आधार पर अपनी बात सही साबित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं। वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि इस ऑर्डर का उसकी वित्तीय स्थिति, ऑपरेशंस या दूसरी एक्टिविटीज पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ेगा।

असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए भी मिला था ऐसा ही डिमांड नोटिस

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