Metal stocks : मेटल्स की ग्लोबल कीमतों में तेज़ी से मेटल स्टॉक्स में लगातार 8वें दिन तेज़ी, हिन्द कॉपर और SAIL 15% तक उछले

Metal stocks: मेटल्स की ग्लोबल कीमतों में तेज़ी से मेटल स्टॉक्स में लगातार 8वें दिन तेज़ी देखने को मिल रही है। हिन्द कॉपर और SAIL 15 फीसदी तक उछले हैं। निफ्टी मेटल इंडेक्स आज 52 हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गया है। अब तक आठ सेशन में इसमें करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 11:45 AM
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हिंदुस्तान कॉपर के शेयर करीब 7 प्रतिशत बढ़कर 508.05 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे है। आज इंट्राडे में ये स्टॉक करीब 15 प्रतिशत बढ़कर 545.95 रुपये प्रति शेयर के नए 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गया था

Metal stocks jump : 29 दिसंबर को मेटल कंपनियों के शेयरों में लगातार आठवें सेशन में तेज़ी देखने को मिल रही है। जिसमें हिंदुस्तान कॉपर, SAIL, टाटा स्टील और दूसरी बड़ी कंपनियों के शेयरों में 15 प्रतिशत तक की तेज़ी आई है।। एनालिस्ट्स ने शेयरों में हालिया तेज़ी के पीछे के कारणों और आगे क्या होने वाला है,इसका विश्लेषण किया है।

आज मेटल शेयरों में तेज़ उछाल से निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत बढ़कर 10,968 के आसपास दिख रहा है। इंट्राडे में इस इंडेक्स ने आज 10,983.20 का नया 52-हफ़्ते का उच्चतम स्तर छुआ। इंडेक्स ने अब तक आठ सेशन की तेज़ी में लगभग 5 प्रतिशत का फायदा हासिल किया है।

मेटल स्टॉक्स में तेजी की क्या है वजह?


INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी ने कहा कि मेटल स्टॉक्स में तेज़ बढ़ोतरी किसी एक वजह से नहीं हुई है। यह तेजी ग्लोबल मैक्रो सेटअप के अनुकूल होने की वजह से आई है। एनालिस्ट ने आगे कहा, "हाल के सेशंस में निफ्टी मेटल और हिंदुस्तान कॉपर, हिंडाल्को, वेदांता और SAIL जैसे बड़े स्टॉक्स ने नई ऊंचाइयों को छुआ। फेरस और नॉन-फेरस दोनों तरह के शेयरों में बड़े पैमाने पर खरीदारी आई। इनका टर्नओवर बढ़ा है,जो नवंबर की कमजोरी के बाद इनमें इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की दिलचस्पी लौटने का संकेत है।"

फेड रेट में कटौती की उम्मीदें

एक्सिस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, मेटल्स आदित्य वेलेकर ने कहा कि मेटल स्टॉक्स में तेज़ बढ़ोतरी मेटल की बढ़ती कीमतों की वजह से हुई है। 2026 में US में फेडरल रिजर्व द्वारा रेट में कटौती की उम्मीद है, इससे मेटल्स को सपोर्ट मिला है। उन्होंने कहा, "अमेरिका में लेबर मार्केट में नरमी से फेड को रेट कम करने का मौका मिल रहा है,ये मेटल मार्केट के लिए अच्छा संकेत है।"

चीन का पॉलिसी सपोर्ट

हर्षल दसानी ने बताया कि चीन मेटल्स के लिए एक मुख्य ड्राइवर रहा है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर ग्रिड, रिन्यूएबल एनर्जी और शहरी रीडेवलपमेंट के लिए लगातार पॉलिसी सपोर्ट से स्टील, कॉपर, एल्युमिनियम और जिंक की डिमांड विजिबिलिटी बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा,"हालांकि प्रॉपर्टी सेक्टर कमजोर बना हुआ है, लेकिन सरकार की तरफ से होने वाला कैपेक्स और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी बेहतर नजर आ रही है। इससे मेटल की कीमतों को एक बेस मिल रहा है।"

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सप्लाई में कमी

दासानी ने आगे कहा कि कई बेस मेटल्स में इन्वेंट्री कम होने से असमान ग्लोबल ग्रोथ के बावजूद गिरावट का जोखिम और कम हो गया है। एक्सिस सिक्योरिटीज के वेलेकर ने भी कहा कि कीमती मेटल्स और कॉपर और एल्युमिनियम जैसे बेस मेटल्स दोनों की सप्लाई सीमित है,जबकि डिमांड मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, "चांदी और बेस मेटल्स की डिमांड मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), रिन्यूएबल एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में हो रही तरक्की की वजह से है।"

खासकर ऐसे समय में जब ग्लोबल सप्लाई चेन कमज़ोर बनी हुई है, चीन की सोने-चांदी और इंडस्ट्रियल मेटल्स की बढ़ती खरीदारी से मेटल्स की कीमतों को और सपोर्ट मिल रहा है।

अमेरिकी डॉलर में नरमी

मेटल्स के लिए एक और अहम पॉज़िटिव फैक्टर अमेरिकी डॉलर में नरमी है। दासानी ने कहा, " US में मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी की उम्मीद के साथ डॉलर इंडेक्स हाल की ऊंचाइयों से नीचे आया है, जिससे डॉलर-डिनॉमिनेटेड कमोडिटीज़ को सपोर्ट मिला है। घटती रियल यील्ड ने भी मेटल्स के रिलेटिव अट्रैक्टिवनेस को बेहतर बनाया है। सप्लाई साइड पर खासकर रिफाइंड मेटल्स में माइनिंग की दिक्कतों, ज़्यादा एनर्जी लागत और सख़्त एनवायरनमेंटल नियमों ने नई कैपेसिटी जोड़ने की प्रक्रिया को धीमा किया है। जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों, पावर ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे एनर्जी ट्रांज़िशन थीम से डिमांड मजबूत बनी हुई है।"

आज के टॉप मेटल गेनर्स

हिंदुस्तान कॉपर के शेयर करीब 7 प्रतिशत बढ़कर 508.05 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे है। आज इंट्राडे में ये स्टॉक करीब 15 प्रतिशत बढ़कर 545.95 रुपये प्रति शेयर के नए 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गया था। तांबे की कीमतें नए ऑलटाइम हाई में होने से स्टॉक में जोश भर गया। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के शेयर भी तेजी में हैं। ये स्टॉक 4 प्रतिशत से ज़्यादा ऊपर चढ़ा। टाटा स्टील, वेदांता और जिंदल स्टील एंड पावर के शेयर भी 2 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़े हैं।

हिंदुस्तान जिंक के शेयर में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, APL अपोलो ट्यूब्स और JSW स्टील के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई है। वेल्स्पन कॉर्प और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि नेशनल एल्युमिनियम (NALCO), NMDC और अदानी एंटरप्राइजेज के शेयर मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं।

आगे कैसी रह सकती है मेटल शेयरों की चाल?

INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी ने कहा कि आगे चलकर मेटल स्टॉक्स में तेज़ी बनी रह सकती है। हालांकि, इनमें उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। 2030 तक ग्लोबल स्टील की मांग में मामूली बढ़ोतरी होने का अनुमान है, लेकिन चीन को छोड़कर बाकी देशों में खपत और उभरते बाजारों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से वॉल्यूम में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रहनी चाहिए। एनालिस्ट ने आगे कहा कि भारत में, सरकारी कैपेक्स और हाउसिंग की मांग स्टील बनाने वाली कंपनियों के लिए अहम सपोर्ट बने हुए हैं।

विभावंगल अनुकूलकारा के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्या ने कहा कि मेटल्स अभी भी ग्लोबल डिमांड में बदलाव, करेंसी में उतार-चढ़ाव और ब्याज दर के प्रति संवेदनशील हैं। इसलिए, इनमें बढ़ोतरी जारी रह सकती है। लेकिन मैक्रो डेटा और ग्लोबल ग्रोथ ड्राइवर्स में होने वाले ऐक्शन के मद्देनजर इनमें उतार-चढ़ाव दिख सकता और कभी-कभी गिरावट भी आ सकती है।

दासानी ने आगे कहा कि जब तक डॉलर और यूएस फेड का रुख नरम रहता है तो शॉर्ट टर्म में मेटल्स के लिए सपोर्ट बना रहेगा। लेकिन अगर अमेरिकी डेटा में कोई भी निगेटिव सरप्राइज देखने को मिलता है या चीन के एक्सपोर्ट को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न होती हैं तो मेटल्स में तेज गिरावट आ सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन्वेस्टर्स के लिए यह एक क्लासिक साइक्लिकल रैली है। हर उछाल का पीछा करने के बजाय मजबूत बैलेंस-शीट और कम लागत वाली कंपनियों पर फोकस करें।

 

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