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MF Investment : लॉन्ग टर्म निवेशकों को पोर्टफोलियो में बदलाव की जरूरत नहीं, बाजार के उथल-पुथल से डरें नहीं

MF Investment : हर्षवर्धन रूंगटा ने कहा कि अगर आपका व्यू 8-10 साल का है तो पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है। बाजार की उथल-पुथल से डरें नहीं। लंबी अवधि के निवेशक पुराने एसेट एलोकेशन प्लान पर टिके रहें। ज्यादा रिस्क वाले निवेशक एकमुश्त निवेश भी कर सकते हैं। चाहे तो एकमुश्त निवेश को 2-3 हिस्सों में तोड़ लें

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 13, 2026 पर 2:26 PM
MF Investment : लॉन्ग टर्म निवेशकों को पोर्टफोलियो में बदलाव की जरूरत नहीं, बाजार के उथल-पुथल से डरें नहीं
हाल ही में सेबी ने एक फैसला लिया और सॉल्यूशन ओरिएंटेंड फंड को डिस्कॉन्टिन्यू करते हुए उसकी जगह एक नई कटेगरी लाइफ साइकिल फंड्स की बात की। इस पर बात करते हुए हर्षवर्धन रूंगटा ने बताया कि ये फंड लाइफ गोल के साथ निवेश को जोड़ने में मदद करते हैं

MF Investment : फरवरी में बाजार की गिरावट का निवेशकों ने जमकर फायदा उठाया है। हाल में आए AMFI के डाटा के मुताबिक फरवरी में निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 8% बढ़ाया है। इसमें भी मिडकैप और स्मॉलकैप में जमकर पैसा डाला गया है। हालांकि इस दौरान Gold ETFs और SIP इनफ्लो दोनों में गिरावट आई है। क्या कहता है ये ट्रेंड, इस पर बात करते हुए रूंगटा सिक्योरिटीज के CFP हर्षवर्धन रूंगटा ने कहा कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि सालाना आधार पर बाजार की वोलैटिलिटी ने निवेशकों को थोड़ा नर्वस किया है। हालांकि महीने दर महीने आधार पर एफएफ निवेश के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सोने-चांदी में मुनाफा वसूली हुई है। मार्च महीने की बात करें तो जियोपॉलिटिकल टेंशन ने रिटेल निवेशकों को बहुत परेशान किया है। ऐसे में मार्च के आंकड़ों में इसका असर जरूर देखने को मिलेगा।

क्या हो निवेश रणनीति?

इस माहौल में निवेशकों को सलाह देते हुए हर्षवर्धन रूंगटा ने कहा कि अगर आपका व्यू 8-10 साल का है तो पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है। बाजार की उथल-पुथल से डरें नहीं। लंबी अवधि के निवेशक पुराने एसेट एलोकेशन प्लान पर टिके रहें। ज्यादा रिस्क वाले निवेशक एकमुश्त निवेश भी कर सकते हैं। चाहे तो एकमुश्त निवेश को 2-3 हिस्सों में तोड़ लें। गिरते बाजार में निवेश से ही वेल्थ बनती है। ध्यान रहे, अपनी SIP या STP को जारी रखें। अलग-अलग एसेट क्लास में पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें। मिडकैप, स्मॉलकैप के मुकाबले लार्जकैप में ज्यादा एलोकेशन करें।

लाइफ साइकिल फंड्स क्या हैं?

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