SHAILAJA MOHAPATRA
SHAILAJA MOHAPATRA
साल 2022 शेयर बाजारों के लिए काफी निराशाजनक साल रहा। 2021 में 24 प्रतिशत की तेजी के बाद निफ्टी इस साल मामूली पॉजिटिव रिटर्न देने के ट्रैक पर है। इस बीच निफ्टी मिडकैप 100 इस साल लाल निशान में बंद होने के लिए तैयार है। 2021 में 46 प्रतिशत रैली की तुलना में इसने बहुत ज्यादा अंडरपरफॉर्म किया है। बढ़ी हुई महंगाई, मौद्रिक स्थितियों की कड़ाई और अमेरिका और यूरोप में मंदी की आशंका ने इक्विटी को नीचे गिरा दिया है। इसके बावजूद निफ्टी अपने पिछले सर्वकालिक उच्च स्तर को पार करने में सफल रहा। निफ्टी ने 1 दिसंबर को 18,887 के नए शिखर को छुआ।
दूसरी ओर, निफ्टी मिडकैप 100 अभी भी 2021 के 33,243 के शिखर से आठ प्रतिशत दूर है।
2022 में काफी उछाल आने के बावजूद मिडकैप अभी भी महंगे हैं। जबकि निफ्टी 50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 अपने 10 साल के औसत से थोड़ा अधिक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी मिडकैप 100 अपने लॉन्ग-टर्म औसत से 30 प्रतिशत के प्रीमियम पर है।
मोतीलाल ओसवाल के मिडकैप 30 फंड को मैनेज करने वाले निकेत शाह ने मनीकंट्रोल से कहा, "अगले छह महीनों में, हम मिडकैप में 10-15 प्रतिशत के करेक्शन की उम्मीद करते हैं। करेक्शन के बाद खरीदने के लिए इसका वैल्यूएशन वाजिब हो जायेगा।"
वर्तमान में, मिडकैप इंडेक्स निफ्टी 50 के मुकाबले लगभग 25 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। यह प्रीमियम जून-अगस्त 2020 की COVID-प्रभावित अवधि से तेजी से गिरा है। उस दौरान यह 60 प्रतिशत के प्रीमियम तक पहुंच गया था।
इसलिए, 2023 की दूसरी छमाही में मिडकैप का असली जादू शुरू होगा। ऐसा निकेत शाह का मानना है। उन्होंने कहा, "तब तक, सभी उच्च लागत वाली इन्वेंट्री को बेच दिया जाएगा। महंगाई काफी हद तक शांत हो जाएगी। केंद्रीय बैंक विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करना शुरू कर देंगे।"
उनके अनुसार मिडकैप इंडेक्स का मुनाफा 2023 में 15-16 प्रतिशत बढ़ेगा। जो निफ्टी 50 के लिए 13 प्रतिशत मुनाफा वृद्धि अनुमान की तुलना में 200 बेसिस प्वाइंट अधिक है।
ग्रीन पोर्टफोलियो के दिवम शर्मा का मानना है कि मिडकैप क्षेत्र की कुछ छोटी कंपनियों के रिटर्न रेशियो में कोई सुधार नहीं हो सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडकैप 2023 में लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। हालांकि वैल्यूएशन गैप के कारण आउटपरफॉर्मेंस का मार्जिन छोटा हो सकता है। दूसरी तरफ व्यापक आर्थिक चुनौतियां बनी रहने, महंगाई केंद्रीय बैंक के टॉलरेंस बैंड से ऊपर रहने और इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहने पर इसके बेहतर प्रदर्शन के लिए सेटअप खराब हो सकता है। तब जाकर निवेशक सेफ्टी के लिहाज से लार्जकैप्स में निवेश कर सकते हैं।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )
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