बड़ौदा बीएनपी पारिबा म्यूचुअल फंड के सीनियर फंड मैनेजर जितेंद्र श्रीराम का कहना है कि युद्ध लंबे समय तक नहीं चलेगा, लेकिन क्रूड की कीमतें काफी समय तक हाई बनी रह सकती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे में यूटिलिटीज, हेल्थकेयर और कुछ कंज्यूमर स्टॉक्स में निवेश करना ठीक रहेगा। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने स्टॉक मार्केट्स और इनवेस्टमेंट के बारे में कई अहम बातें बताईं।
शॉर्ट टर्म में मार्केट के लिए कई चुनौतियां
श्रीराम ने कहा कि शॉर्ट टर्म में मार्केट के लिए चुनौतियां ज्यादा दिख रही हैं। उन्होंने कहा, "अगर क्रूड ऑयल की कीमतें तीन महीने तक भी हाई बनी रहती हैं तो जीडीपी ग्रोथ में 20-30 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट आ सकती है। अगर रिटेल इनफ्लेशन आरबीआई के औसत 4 फीसदी के टारगेट से ज्यादा बना रहता है तो इंटरेस्ट रेट में इस साल कमी की उम्मीदें खत्म हो सकती हैं। "
मध्यपूर्व की लड़ाई से रिफाइनरीज में उत्पादन बंद
बाजार के मौजूदा माहौल में लंबी अवधि के लिए कहां इनवेस्ट करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान की लड़ाई के चलते मार्केट के लिए अनिश्चिततता दिख रही है। अगर भारत के लिहाज से देखा जाए तो सबसे अहम क्रूड की कीमतें हैं। ईरान से ऑयल की सप्लाई पर असर पड़ा है। लेकिन, गल्फ इलाके में ईरान के ड्रोन हमलों से इस पूरे इलाके में रिफाइनरीज के उत्पादन पर असर पड़ा है।
इन सेक्टर की कंपनियों में निवेश करना ठीक रहेगा
उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि क्रूड की कीमतें लड़ाई के पहले के स्तर के मुकाबले 15-20 डॉलर प्रति बैरल ऊपर रहेंगी। इसका सीधा असर ग्रोथ पर पड़ेगा। साथ ही इनफ्लेशन, करेंट अकाउंट डेफिसिट और कंपनियों की अर्निंग्स पर खराब असर पड़ेगा। यह लड़ाई हमेशा नहीं चलेगी, लेकिन क्रूड की कीमतें लंबे समय तक हाई बनी रह सकती हैं। ऐसे में घरेलू कंजम्प्शन वाली यूटिलिटीज कंपनियों, हेल्थकेयर और कुछ कंज्यूमर कंपनियों में निवेश करना ठीक रहेगा।
लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, क्रूड पर उसका उतना असर पड़ेगा
श्रीराम ने कहा कि मध्यपूर्व की लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, उसका उतना ज्यादा असर क्रूड की कीमतों पर पड़ेगा। यह ग्लोबल ग्रोथ के लिए खराब होगा। हालांकि, आम तौर पर मार्केट में बड़ी गिरावट लंबी अवधि और धैर्य रखने वाले निवेशकों को शेयरों में निवेश बढ़ाने का मौका होता है। यह सही है कि फिलहाल मार्केट के लिए चुनौतियां ज्यादा दिख रही हैं। मध्यपूर्व की लड़ाई रुकने के संकेत नहीं दिख रहे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मसल भी हल होता नहीं दिख रहा।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।