Power Stocks to BUY: देश में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे पावर सेक्टर के शेयर निवेशकों के रडार पर आ गए हैं। ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में उन कंपनियों की पहचान की है, जो इस बढ़ती मांग का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकती हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक, सभी पावर कंपनियां समान रूप से लाभ में नहीं हैं। जिन कंपनियों के पास अतिरिक्त क्षमता है और जो पीक आवर्स में ऊंचे दाम पर बिजली बेच सकती हैं, वे सबसे ज्यादा फायदा उठा सकती हैं।
JM फाइनेंशियल की टॉप पावर पिक्स
जेएम फाइनेंशयिल ने अदाणी पावर (Adani Power) को इस सेक्टर में अपना टॉप पिक्स बताया है। इसके बाद टाटा पावर (Tata Power) को ‘Buy’ रेटिंग के साथ 429 रुपये का टारगेट दिया गया है, जिसमें मौजूदा स्तर से करीब 6% की बढ़त की संभावना है। ब्रोकरेज ने NTPC के शेयर को ‘Buy’ रेटिंग के साथ 420 रुपये का टारगेट दिया गया है, जो इसमें मौजूदा स्तर से लगभग 10% की तेजी का अनुमान है।
वहीं दूसरी ओर ब्रोकरेज ने कोल इंडिया (Coal India) के शेयर को ‘Reduce’ की रेटिंग दी है और इसके लिए 420 रुपये का टारगेट रखा है। यह इस शेयर में मौजूदा स्तर से करीब 10% की गिरावट का संकेत देता है।
शाम के समय बिजली की मांग में तेज उछाल
रिपोर्ट के अनुसार, बिजली की मांग में सबसे बड़ा उछाल गैर-सोलर घंटों में देखने को मिल रहा है। 10 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे (सोलर आवर्स) बिजली की मांग 238 गीगावॉट रही, जो सालाना आधार परस्थिर रही। वहीं शाम 7 बजे (नॉन-सोलर आवर्स) मांग 224.6 गीगावॉट रही, जो 7% का इजाफा दिखाता है। यह संकेत देता है कि शाम के समय बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है और सप्लाई पर दबाव बन रहा है।
पावर प्लांट्स पूरी क्षमता के करीब
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पावर प्लांट्स लगभग अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रहे हैं। शाम के समय हाइड्रो प्लांट्स 67%, गैस प्लांट्स 28%, न्यूक्लियर प्लांट्स 87% और कोयला आधारित प्लांट्स 95% क्षमता पर चल रहे हैं। इससे साफ है कि कोयला आधारित प्लांट्स लगभग फुल कैपेसिटी पर हैं और बाकी स्रोतों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
बिजली की कीमतों में तेज उछाल
जब मांग सप्लाई से ज्यादा होती है, तो कीमतों में तेजी आना स्वाभाविक है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली एक्सचेंज पर कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और औसत ₹4.60 प्रति यूनिट से बढ़कर एक दिन में ₹1 यानी 21.7% तक उछाल आया है। यह ट्रेंड उन कंपनियों के लिए फायदेमंद है, जो खुले बाजार में बिजली बेच सकती हैं।
बदल रहा है बिजली ट्रेडिंग का पैटर्न
JM फाइनेंशियल ने यह भी बताया कि बिजली के कारोबार का तरीका भी बदल रहा है। डे-अहेड मार्केट (DAM) अभी भी स्थिर और योजनाबद्ध खरीद के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि रियल-टाइम मार्केट (RTM) का इस्तेमाल डिस्कॉम्स मांग के उतार-चढ़ाव और रिन्यूएबल एनर्जी की अनिश्चितता को संभालने के लिए कर रहे हैं।
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