दो दिन में क्यों 36% गिरा यह शेयर? 10 रुपये से भी नीचे आया भाव, निवेशकों में शेयर बेचने की लगी होड़

Mishtann Foods Share Price: मिष्टान फूड्स के शेयरों में आज 9 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन 20 प्रतिशत की गिरावट और शेयर अपने लोअर सर्किट सीमा पर पहुंच गया। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने हाल ही में कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके बाद से निवेशकों में इसके शेयर बेचने की होड़ लग गई है। SEBI ने यह नोटिस करीब 100 करोड़ रुपये के फंड में गड़बड़ी के आरोप में जारी किया है

अपडेटेड Dec 09, 2024 पर 12:30 PM
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Mishtann Foods Share Price: SEBI ने कंपनी के एमडी और कई डायरेक्टरों को अगले आदेश तक शेयर बाजार से बैन कर दिया है

Mishtann Foods Share Price: मिष्टान फूड्स के शेयरों में आज 9 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन 20 प्रतिशत की गिरावट और शेयर अपने लोअर सर्किट सीमा पर पहुंच गया। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने हाल ही में कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके बाद से निवेशकों में इसके शेयर बेचने की होड़ लग गई है। पिछले 2 दिन में यह शेयर करीब 36% लुढ़क चुका है। SEBI ने यह नोटिस करीब 100 करोड़ रुपये के फंड में गड़बड़ी के आरोप में जारी किया है। SEBI का कहना है कि कंपनी ने इस फंड का दुरुपयोग किया या ग्रुप की की संस्थाओं के जरिए इसे डायवर्ट किया गया। साथ ही SEBI ने कंपनी के एमडी और अन्य कई डायरेक्टरों को अगले आदेश तक शेयर बाजार की किसी भी गतिविधि में शामिल होने से बैन कर दिया है।

SEBI के फुलटाइम मेंबर, अश्विनी भाटिया ने कहा कि मिष्टान फूड्स ने अपनी फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में "बड़े पैमाने पर गलत जानकारियां" दी है। SEB के नोटिस के अनुसार, कंपनी ने "फर्जी या गैर-मौजूद संस्थाओं" से जुड़े "काल्पनिक लेनदेन" दिखाकर अपनी बिक्री और खरीदारी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। ये संस्थाएं कथित तौर पर मिष्टान फूड्स के प्रमोटरों और उनके रिश्तेदारों के नाम का इस्तेमाल करके बनाई गई थीं।

हालांकि, कंपनी ने SEBI के आरोपों का खंडन किया है और कहा कि उसकी कानूनी टीम "सभी सवालों का समाधान करने और उचित कार्रवाई करने का प्रयास कर रही है।"


सुबह 11 बजे के करीब मिष्टान फूड्स के शेयर 9.94 रुपये के भाव पर लोअर सर्किट में लॉक थे। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 1,071.15 करोड़ रुपये है। इस साल अबतक कंपनी के शेयरों में करीब 40 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

सेबी की जांच में क्या आया सामने?

SEBI के फुलटाइम मेंबर, अश्विनी भाटिया ने 5 दिसंबर को जारी अंतरिम आदेश में बताया कि कंपनी ने वित्तीय विवरणों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की। उन्होंने कहा कि इन एंटिटीज के 90 फीसदी से अधिक क्रेडिट और डेबिट एंट्री यानी लेनदेन या तो उनके खुद के बीच या मिष्टान फूड्स के साथ हुए जो फर्जीवाड़े के लेवल को दिखाता है। इन एंटिटीज का अपना खुद का कोई कारोबार नहीं था।

SEBI ने यह भी पाया कि कंपनी के कारोबार और 4.2 लाख से अधिक शेयरहोल्डर्स के हितों को एमडी हितेश कुमार गौरीशंकर पटेल ने अपने कंट्रोल में रखा जो कंपनी के एकमात्र प्रमोटर भी हैं और कंपनी के 43% शेयरों के मालिक हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने रिश्तेदारों के जरिए मिश्तन्न फूड्स के फर्जी खरीदारों/विक्रेताओं को नियंत्रित करते हैं।

SEBI का कहना है कि हितेश ने ने हाल ही में कंपनी के 3 करोड़ रुपये शेयर बेचकर करीब ₹50 करोड़ जुटाए और अब भी उनके पास 47 करोड़ MFL शेयर हैं, जो आने वाले वित्तीय नुकसान के खतरे को दिखा रहा है है, खासतौर से उन खुदरा निवेशकों के लिए जो हितेश की योजनाओं से अनजान हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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