एवेंडस कैपिटल में हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में जापान का मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप और नोमुरा सबसे आगे चल रहे हैं। केकेआर और कुछ दूसरे शेयरहोल्डर्स एवेंडस कैपिटल में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। मिजुहो ने केकेआर और और हिस्सेदारी बेचने वाले दूसरे शेयरहोल्डर्स को अच्छी डील ऑफर की है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। केकेआर प्राइवेट इक्विटी फर्म है। इसकी एवेंडस कैपिटल में 63 फीसदी हिस्सेदारी है। कुछ दूसरे इनवेस्टर्स भी एवेंडस में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इनमें गाजा कैपिटल और अलायंस टायर ग्रुप के फाउंडर योगेश महानसरिया शामिल हैं। इस तरह एवेंडस कैपिटल में करीब 80 फीसदी हिस्सेदारी बिकने वाली है।
एवेंडस कैपिटल की वैल्यू 4500-500 करोड़ के बीच
इस मसले से जुड़े लोगों ने बताया कि एवेंडस कैपिटल (Avendus Capital) की वैल्यू करीब 4,500-5000 करोड़ रुपये लगाई गई है। एवेंडस की शुरुआत 1999 में हुई थी। यह इनवेस्टमेंट बैंकिंग, एसेट मैनेजमेंट और ऐसी कुछ दूसरी सेवाएं ऑफर करती है। एवेंडस के को-फाउंडर्स में कौशल अग्रवाल और रानू वोहरा शामिल हैं। बताया जाता है कि मिजुहो ने को-फाउंडर और सीईओ गौरव दीपक सहित टॉप मैनेजमेंट को आश्वस्त किया है कि डील के बाद भी उन्हें और उनकी टीम को नहीं हटाया जाएगा।
केकेआर का एवेंडस कैपिटल में बड़ा निवेश
अभी यह पता नहीं चला है कि नोमुरा ने डील के लिए क्या कीमत ऑफर की है, लेकिन इस मसले से जुड़े लोगों ने बताया है कि जापान के इस बैंक की लोकल यूनिट इस डील को लेकर उत्साहित नहीं है। एक सूत्र ने बताया, "अगर एवेंडस नोमुरा की लोकल इकाई के कंट्रोल में जाती है तो मौजूदा लीडरशिप और टीम पर एवेंडस की टीम हाबी हो जाएगी।" KKR ने एवेंडस कैपिटल में 2015 में 11.5 करोड़ डॉलर में आधी से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदी थी। 2 साल बाद उसने फिर करीब 5.5 करोड़ डॉलर निवेश किया था।
यह भी पढ़ें: Infosys Shares: नतीजे से पहले इंफोसिस के शेयर रिकॉर्ड हाई पर, ब्रोकरेजेज का ये है कैलकुलेशन
कुछ हफ्तों में हो सकती है डील
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि कुछ हफ्तों के अंदर यह डील हो सकती है। एवेंडस कैपिटल के स्पोक्सपर्सन ने इस डील के बारे में कुछ बताने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि अभी इस प्रोसेस के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इस बारे में केकेआर के स्पोक्सपर्सन को भेजे ईमेल का जवाब नहीं मिला।