MobiKwik Share Price: करोड़ों शेयर का लॉक-इन खत्म, चमक धुंधली, 9% की भारी गिरावट से निवेशक परेशान

MobiKwik Share Price: करोड़ों शेयरों का लॉक-इन पीरियड खत्म होने यानी ट्रेडिंग के लिए फ्री होने के चलते मोबीक्विक की पैरेंट कंपनी वन मोबीक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) के शेयर आज धड़ाम हो गए। यह आईपीओ प्राइस के नीचे बना हुआ है। चेक करें कि इसके कितने शेयर फ्री हुए हैं और कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है?

अपडेटेड Jun 18, 2025 पर 4:14 PM
पेमेंट सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली मोबीक्विक की पैरेंट कंपनी वन मोबीक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) के कुछ शेयरों के लिए छह महीने का लॉक-इन पीरियड खत्म हुआ तो भाव टूट गए।

पेमेंट सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली मोबीक्विक की पैरेंट कंपनी वन मोबीक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) के कुछ शेयरों के लिए छह महीने का लॉक-इन पीरियड खत्म हुआ तो भाव टूट गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल ही नहीं पाए और यह नीचे फिसलता गया। ब्रोकरेज फर्म नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के कैलकुलेशन के मुताबिक इसके 3.8 करोड़ शेयरों का लॉक-इन खत्म हुआ है। इसके चलते ओवरऑल इसके शेयरों को लेकर सेंटिमेंट निगेटिव हुआ और यह 9% टूट गया। आज बीएसई पर यह 8.76% की गिरावट के साथ ₹245.70 (MobiKwik Share Price) पर बंद हुआ है लेकिन इंट्रा-डे में यह 9.77% फिसलकर ₹243.00 तक आ गया था। हालांकि ध्यान दें कि लॉक-इन पीरियड खत्म होने का मतलब सभी शेयरों की बिक्री होगी बल्कि इसका मतलब ये है कि अगर शेयरहोल्डर्स चाहें तो इसे बेच सकते हैं।

कैसी है वित्तीय सेहत

मोबीक्विक की पैरेंट कंपनी वन मोबीक्लिक सिस्टम्स के लिए पिछले वित्त वर्ष 2025 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2025 खास नहीं रही। मार्च तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का कंसालिडेटेड ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.06% बढ़कर ₹267.78 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन इस दौरान कंपनी का कंसालिडेटेड नेट लॉस ₹67.1 लाख से बढ़कर ₹56.04 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025 की बात करें तो कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹875.00 करोड़ से उछलकर ₹1,170.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन कंपनी ₹14.08 करोड़ के शुद्ध मुनाफे से ₹121.53 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में आ गई।


कैसी है शेयरों की हालत

मोबीक्विक के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹279 के भाव पर जारी हुए थे और इसकी घरेलू स्टॉक मार्केट में 18 दिसंबर 2024 को एंट्री हुई थी। लिस्टिंग के बाद कुछ ही दिनों में यह 26 दिसंबर 2024 को ₹698.30 के रिकॉर्ड हाई पर चला गया था। हालांकि फिर मुनाफावसूली के दबाव में 5 महीने में इस हाई लेवल से यह 67.51% टूटकर ₹226.85 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इसके बाद भाव में थोड़ी रिकवरी तो हुई लेकिन उठा-पटक के साथ पिछले कुछ समय से यह आईपीओ प्राइस के नीचे बना हुआ है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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