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COVID-19 vaccine:मॉर्डना की वैक्सीन को भारत में मिली मंजूरी, जानिए कितनी है कारगर, क्या हैं इसके साइड इफेक्ट

इस वैक्सीन की दो डोज की जरूरत होगी। पहली और दूसरी डोज के बीच 28 दिन का अंतर रखना होगा.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 30, 2021 पर 11:33 AM
COVID-19 vaccine:मॉर्डना की वैक्सीन को  भारत में मिली मंजूरी, जानिए कितनी है कारगर, क्या हैं इसके साइड इफेक्ट

मॉर्डना की कोविड -19 वैक्सीन को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DGCI) से इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल गई है। इसकी आधिकारिक पुष्टि के बाद मॉर्डना की कोरोना वैक्सीन भारत में इमरजेंसी यूज मंजूरी हासिल करने वाली चौथी वैक्सीन बन गई है।

बता दें कि दो डोज वाली मॉर्डना की यह वैक्सीन सिम्टोमैटिक (symptomatic) कोविड-19 के मामलों में 90 फीसदी प्रभावी पाई गई है जबकि गंभीर मामलों में 95 फीसदी प्रभावी पाई गई है। मॉर्डना के वैक्सीन को भारत में मंजूरी मिलने के साथ यह कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पुतनिक के बाद देश में उपलब्ध चौथी कोरोना वैक्सीन होगी।

क्या है ये  वैक्सीन

मॉर्डना की इस वैक्सीन को mRNA-1273 वैक्सीन को नाम से भी जाना जाता है। इसको मैसेंजर आरएनए (messenger RNA) और mRNA के जरिए बनाया गया है। ये एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो हमारी कोशिकाओं को ये सिखाती है कि कैसे वे ऐसे प्रोटीन बनाएं जो हमारे शरीर में इम्यूनिटी पैदा करते हैं।

वैक्सीन की कितनी डोज की होगी जरूरत

इस वैक्सीन की दो डोज की जरूरत होगी। पहली और दूसरी डोज के बीच 28 दिन का अंतर रखना होगा। मॉर्डना की यह वैक्सीन सिम्टोमैटिक (symptomatic) कोविड-19 के मामलों में 90 फीसदी प्रभावी पाई गई है जबकि गंभीर मामलों में 95 फीसदी प्रभावी पाई गई है। पहली डोज के 14 दिन बाद से इसका असर आना शुरू हो जाता है।

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