वेस्ट एशिया संकट के बीच पीएम मोदी ने देश से बड़ी अपील की है। इसमें कहा गया है कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल का संभलकर इस्तेमाल करें , 1 साल तक सोना ना खरीदें। पीएम ने विदेश यात्राएं टालने का अह्ववान करते हुए कहा है कि देशहित में खाने के तेल और फर्टिलाइजर इस्तेमाल में कटौती करें, फर्टिलाइजर की जगह प्राकृतिक खेती अपनाएं। पीएम ने वर्क फ्रॉम होम की भी वकालत करते हुए ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंस अपनाने की भी अपील की है।
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ये कदम जरूरी है। इस साल 10 लाख करोड़ रुपए का तेल आयात हुआ है। गोल्ड इंपोर्ट में सालाना 6 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। विदेश यात्रा में भी 3 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। बता दें कि फर्टिलाइजर आयात में सालाना 1.50 लाख करोड़ रुपए खर्च होते हैं।
PM मोदी की बड़ी अपील से इन शेयरों और सेक्टरों पर होगा असर
PM मोदी की अपील से एयरलाइन,होटल,चुनिंदा ऑयल और फर्टिलाइजर कंपनियां दबाव में आ सकती हैं। गोल्ड और गोल्ड फाइनेंसिंग कंपनियां भी दबाव में आ सकती हैं।
वेस्ट एशिया संकट पर एक नजर
इस बीच US-ईरान में तनाव बरकरार है। ट्रंप ने ईरान का युद्ध खत्म करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अपना प्रस्ताव भेजा था। कतर में अबू धाबी से आ रहे कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बयान
ईरान का भेजा युद्ध खत्म करने का प्रस्ताव मिला है। ईरान प्रस्ताव ठीक नहीं है। यह माना नहीं जा सकता है। 47 सालों से ईरान, US और दुनिया के साथ खेल रहा है
क्या है ईरान का प्रस्ताव?
ईरान के प्रस्ताव में कहा गया है कि युद्ध हर मोर्चे पर खत्म होना चाहिए। सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं। तेल के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध हटाए जाएं। 30 दिनों के लिए अमेरिकी प्रतिबंध हटे। अमेरिकी नौसेना नाकाबंदी खत्म करे। शर्तें मानी गईं तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने पर मदद मिलेगी।
CBS न्यूज पर बोले नेतन्याहू
इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ जंग अभी खत्म नहीं हुई है। ईरान के न्यूक्लियर साइट्स को खत्म करना बाकी है।
बाजार: अब क्या हैं बड़े रिस्क?
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार के लिए Q1 काफी खराब होने वाला है। Q4 में कच्चे तेल का इतना असर नहीं पड़ा था। लेकिन Q1 में कच्चा तेल एक बहुत बड़ा फैक्टर रहेगा। एक बात मान लीजिए FIIs अभी वापस नहीं आएंगे। FIIs के पास बहुत ऑप्शन्स हैं,हमसे सस्ते और हमसे बेहतर बाजार मौजूद हैं। ये भी हो सकता है कि FIIs की बिकवाली यहां से और ज्यादा बढ़े। FIIs लगातार इस बाजार में शॉर्ट रहे हैं। सबसे बड़ा रिस्क रेट सेंसिटिव शेयरों को लेकर है। अगर कच्चे तेल के भाव नीचे नहीं आए तो बैंक निफ्टी पर बड़ा रिस्क है।
सीएनबीसी-आवाज के अनुज सिंघल का कहना है कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए PM की बड़ी अपील से कल्याण ज्वेलर्स पर दबाव देखने को मिल रहा। PM की गैर जरूरी सोने की खरीद 1 साल ना करने की अपील से इस शेयर पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है। पीएम की गोल्ड ज्वेलरी खरीदने से बचने की सलाह है। PM की अपील का शादी सीजन की मांग पर पड़ सकता है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तरों पर होने से पहले से मांग पर असर देखने को मिल रहा है।
PM की गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील से इस शेयर पर भी दबाव बनेगा। PM ने कहा है कि कच्चे तेल की बचत करना जरूरी है। इस बीच कच्चे तेल में फिर जोरदार उछाल आया है। इसका भाव 105 डॉलर के पार चला गया है। कच्चे तेल की बढ़ती लागत से कंपनी पर दबाव है। कंपनी की कुल लागत में ATF की करीब 40% हिस्सेदारी है।
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