Trading Plan: आइए एक्सपर्ट्स से जाने क्या कंसोलीडेशन के बीच निफ्टी और बैंक निफ्टी बचा पाएंगे शुक्रवार की निचला स्तर
Trading Plan: नियर टर्म में Nifty को 24,350–24,400 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने के लिए 24,250 के स्तर को फिर से हासिल करके उसके ऊपर बने रहना होगा। हालांकि, इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,100–24,000 की रेंज में मौजूद है
Stock Market Strategy : वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 55492-55661 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55990-56040/56189 पर है
Trading Plan : शॉर्ट शॉर्म में बाजार के 23,800–24,500 की रेंज के भीतर ट्रेड करने की उम्मीद है। नियर टर्म में Nifty को 24,350–24,400 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने के लिए 24,250 (शुक्रवार का हाई) को फिर से हासिल करने और उसके ऊपर बने रहने की जरूरत है। हालांकि, इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,100–24,000 की रेंज में स्थित है,क्योंकि इसके नीचे जाने पर 23,800 की ओर गिरावट हो सकती है।
इसी तरह, अगर Bank Nifty 55,800 (शुक्रवार के हाई) के लेवल को मजबूती से पार कर लेता है तो आने वाले सेशंस में 56,300–56,600 की ओर तेज आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एक्सपर्ट्स के मुताबिक,तब तक 55,000 का लेवल सपोर्ट का काम कर सकता है। इसके नीचे जाने पर 54,500 का लेवल देखने को मिल सकता है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
एंजल वन के टेक्निकल एनालिस्ट राजेश भोसले का कहना है कि Nifty ने 8 मई को खत्म हुए लगातार दूसरे हफ्ते में बढ़त हासिल की। हालांकि,तकनीकी रूप से ज़्यादा कुछ नहीं बदला है। पिछले दो हफ्तों में कीमतें एक सीमित दायरे में ही ऊपर-नीचे होती रही हैं,जिससे डेली चार्ट पर छोटे-छोटे कैंडल की एक सीरीज़ बनी है। बनावट के हिसाब से ऐसा लगता है कि इंडेक्स ने 23,800 के स्तर के आस-पास एक हाई बेस बना लिया है और इस दायरे की ओर कीमतों में गिरावट आने पर खरीदारी आती दिख सकती है।
हालांकि, ऊपरी स्तरों पर तेजी की कमी यह दिखाती है कि ऊपरी रुकावटें अभी भी बढ़त को रोक रही हैं। 24,500–24,600 का जोन एक बड़ी रुकावट बना हुआ है,जो तेज़ी में किसी भी बड़ी उछाल को रोक रहा है। यह जोन 26,000 के आस-पास के ऊंचे स्तरों से हाल ही में हुई गिरावट के 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट, 89 EMA और हाल के एक छोटे ऊंचे स्तर से मेल खाता है। इस दायरे के ऊपर एक निर्णायक उछाल बहुत अहम होगा और इससे 25,000–25,100 के जोन की ओर बढ़त शुरू हो सकती है,जो 200 DSMA के साथ मेल खाता है।
दूसरे अहम इंडिकेटर्स की बात करें तो RSI काफी समय से 60 के निशान के आसपास बना हुआ है। इस जोन से ऊपर की लगातार बढ़त, ऊपर की ओर बढ़ते मोमेंटम के मज़बूत होने की पुष्टि करेगे। जब तक इंडेक्स हाल की ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल जाता,तब तक बड़ा रुझान पॉज़िटिव बना रहेगा और गिरावट को खरीदारी के मौकों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
जहां एक ओर बेंचमार्क इंडेक्स सुस्त रहे,वहीं इस हफ्ते बाजार का फोकस मिडकैप सेगमेंट पर रहा। मिडकैप बास्केट ने नए रिकॉर्ड स्तरों को छुआ और कई अलग-अलग शेयरों ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया।
यह आउटपरफॉर्मेंस शायद कुछ समय तक जारी रह सकता है। हालांकि,ट्रेडर्स को सोच-समझकर शेयर चुनने होंगे, क्योंकि यह तेजी हमेशा के लिए बनी नहीं रह सकती। Nifty Midcap 100, कई हाईज को जोड़ने वाली एक लंबी अवधि की ट्रेंडलाइन के ऊपरी सिरे के करीब पहुंच रहा है। इसलिए,बीच-बीच में बाजार में कंसोलीडेशन या मुनाफा-वसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अहम रेजिस्टेंस: 24,350, 24,500
अहम सपोर्ट: 24,000, 23,900
रणनीति: 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,900 पर स्टॉप-लॉस रखें और 24,600 का लक्ष्य रखें।
Axis Securities में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च (रिसर्च हेड) राजेश पालवीय का कहना है कि Nifty का मूव 24,500–23,800 की रेंज में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा,जो एक शॉर्ट-टर्म कंसोलीडेशन को दिखाता है। इंडेक्स ने 178 अंकों की बढ़त के साथ हफ्ते का समापन किया। वीकली चार्ट पर Nifty ने दोनों तरफ शैडो के साथ एक छोटी'बुलिश कैंडल'बनाई जो हालिया तेजी के बाद एक ठहराव और बाजार में अनिश्चितता का संकेत है।
तकनीकी तौर पर 24,500 के स्तर से ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट (जो पिछले 3-4 हफ़्तों से रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर रहा है) बुल के लिए दोबारा नियंत्रण हासिल करने के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह की चाल इंडेक्स को 24,800–25,000 के जोन की ओर ले जा सकती है। फिलहाल,निफ़्टी 20 और 50-दिन के SMA के पॉज़िटिव क्रॉसओवर से काफी ऊपर है,जो बुलिश सेंटिमेंट की पुष्टि करता है।
कुल मिलाकर,इंडेक्स के 24,600–23,800 की रेंज में कंसोलिडेट होने की संभावना है और किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने पर ही अगली दिशा तय होगी। मोमेंटम इंडिकेटर्स सपोर्टिव बने हुए हैं। वीकली RSI अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना हुआ है,जो एक पॉजिटिव अंडरलाइंग बायस का संकेत देता है।
रणनीति: Nifty Futures को 24,100 के आस-पास खरीदें, 23,950 पर स्टॉप-लॉस रखें और 24,250–24,350 का लक्ष्य रखें।
राजेश भोसले का कहना है कि पिछले हफ्ते की शुरुआत में Bank Nifty में जबरदस्त तेजी देखने को मिली,लेकिन अफसोस की बात है कि हफ्ते के दूसरे हिस्से में आगे और खरीदारी न होने की वजह से बाजार अनिश्चितता में पड़ गया। तकनीकी तौर पर,पिछले हफ्ते के मुकाबले ज्यादा कुछ नहीं बदला है। इसलिए, 54,000–53,000 के आस-पास का गैप एरिया एक मज़बूत सपोर्ट जोन बना हुआ है।
बैंक निफ्टी के लिए 55,000–54,500 की रेंज में बीच का सपोर्ट देखने को मिल सकता है। मौजूदा हफ्ते में कुछ पॉजिटिविटी की उम्मीद है। इस नज़रिए की पुष्टि करने के लिए Bank Nifty को 55,800–56,400 के जोन को पार करना होगा। इस रेंज के ऊपर ब्रेकआउट होने पर इंडेक्स में 57,000–57,500 के अगले अहम क्लस्टर की ओर जबरदस्त तेजी आ सकती है।
रणनीति: Bank Nifty Futures को 54800 के आस-पास गिरावट पर खरीदें,54,000 पर स्टॉप-लॉस रखें और 57,000 का लक्ष्य निर्धारित करें।
राजेश पालवीय का कहना है कि Bank Nifty ने 447 अंकों की बढ़त के साथ सप्ताह का समापन किया। वीकली चार्ट पर इसने 'लोअर हाई-लोअर लो' फॉर्मेशन के साथ एक छोटी 'बुलिश कैंडल'बनाई,जो कमजोरी और ऊपर की ओर बढ़ने की गति में कमी का संकेत है। तकनीकी रूप से 56,350 के स्तर से ऊपर की कोई निर्णायक चाल खरीदारी बढ़ा सकती है और इंडेक्स को 57,200–58,000 के स्तरों की ओर ले जा सकती है।
इसके विपरीत,54,200 के नीचे का ब्रेक 53,500–52,800 के स्तरों की ओर और गिरावट ला सकता है। इस हफ्ते Bank Nifty के 56,500–53,500 की रेंज में मिले-जुले से लेकर सतर्क रुख के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है। मोमेंटम इंडिकेटर्स न्यूट्रल बने हुए हैं और वीकली RSI सपाट हो रहा है,जो किसी भी दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी का संकेत है।
रणनीति: Bank Nifty Futures को 55,000 के आस-पास खरीदें, 54,800 पर स्टॉप-लॉस रखें और 55,400–55,700 का लक्ष्य रखें।
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