स्टॉक मार्केट्स में जारी गिरावट के बीच निवेशक नया इनवेस्टमेंट करने में संकोच कर रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि किन सेक्टर या स्टॉक्स में पैसा लगाने से अच्छी कमाई होगी। मनीकंट्रोल ने इस बारे में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के गौतम दुग्गड़ से बातचीत की। दुग्गड़ मोतीलाल ओसवाल में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के रिसर्च हेड हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट्स का व्यापक अनुभव है। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी स्टॉक्स में निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है।
इन स्टॉक्स में निवेश से होगी कमाई
दुग्गड़ ने कहा कि Titan, Indian Hotels, Zomato, Cello, Metro Brands जैसी कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी स्टॉक्स उन्हें अट्रैक्टिवल दिख रहे हैं। उन्होंने Trent को भी अच्छा बतयाा। उन्होंने कहा कि तीन साल की सुस्ती के बाद ग्रामीण इलाकों में खपत (Consumption) में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। इस साल मानसून की बारिश अच्छी हुई है। कई सेक्टर की कंपनियों की कमेंट्री से पता चलता है कि ग्रामीण इलाकों में डिमांड अब बढ़ रही है। अगर RBI इंटरेस्ट रेट घटाता है तो FY25 की दूसरी छमाही में सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।
ऑटो कंपनियों में M&M पहली पसंद
उन्होंने कहा कि मोतीलाल ओसवाल ने जिन कैपिटल गुड्स और इंडस्ट्रियल कंपनियों पर दांव लगाया है, उनकी अर्निंग्स ग्रोथ दूसरी तिमाही में साल दर साल आधार पर 13 फीसदी रह सकती है। दूसरी तिमाही में कुछ सेक्टर्स में ऑर्डर में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है। ऑटो सेक्टर में उन्होंने M&M को अपनी पहली पसंद बताई। कैपिटल मार्केट सेक्टर में 2020 से रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ने से मजबूत दिख रही है। पिछली दो तिमाहियों में इस सेक्टर की रफ्तार बढ़ी है। मोतीलाल ओसवाल के पोर्टफोलियो में शामिल इस सेक्टर की कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ दूसरी तिमाही में 85 फीसदी और FY25 में 52 फीसदी रह सकती है।
यह भी पढ़ें: SEBI एसोसिएशंस ऑफ पर्संस को डीमैट अकाउंट में सिक्योरिटीज रखने की इजाजत दे सकता है, जानिए क्या है इसका मतलब
डिफेंस शेयरों में अभी दूर रहने में भलाई
डिफेंस कंपनियों के शेयरों के बारे में उन्होंने कहा कि निवेशकों को इस सेक्टर को लेकर सावधान रहना चाहिए। इसकी वजह यह है कि डिफेंस कंपनियों के शेयरों में उनके ऑल-टाइम हाई से करेक्शन आया है। लेकिन हमारा मानना है कि अब भी उनकी वैल्यूएशन ज्यादा है। डिफेंस सेक्टर की कंपनियां मुख्य रूप से सरकार से मिलने वाले ऑर्डर्स पर निर्भर रहती हैं। हमें अगले बजट से पहले सरकार की तरफ से बड़े ऑर्डर्स आने की उम्मीद नहीं है। इसलिए हमने इस सेक्टर को लेकर सावधानी बरतने का प्लान बनाया है। अगले साल बजट आने के बाद ही हम इस सेक्टर के बारे में अपनी राय बनाएंगे।