Msafe Equipments IPO Listing: सेफ्टी इक्विपमेंट्स बनाने वाली एमसेफ इक्विपमेंट्स के शेयरों की आज BSE SME पर शानदार एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार मिला था और ओवरऑल इसे 166 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹123 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹144.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 17.07% का लिस्टिंग गेन (Msafe Equipments Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए।
टूटकर यह ₹136.80 के लोअर सर्किट पर आ गया। निचले स्तर पर खरीदारी से इसने जोरदार रिकवरी की और उछलकर यह ₹151.20 के अपर सर्किट पर पहुंच गया। ऊपरी लेवल पर हल्की मुनाफावसूली के साथ यह ₹150.80 (Msafe Equipments Share Price) पर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक अब 22.60% मुनाफे में हैं।
Msafe Equipments IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एमसेफ इक्विपमेंट्स का ₹66 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 166.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 117.97 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 308.23 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 133.16 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹54 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 54 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.26 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹6 करोड़ किराए को लेकर इक्विपमेंट्स बनाने, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Msafe Equipments के बारे में
वर्ष 2019 में बनी एमसेफ इक्विपमेंट्स ऊंचाई पर सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए जरूरी इक्विपमेंट्स बनाती है जिसकी यह बिक्री भी करती है और किराए पर भी देती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में एलुमिनियन स्काफहोल्डिंग्स, माइल्ड स्टील स्काफहोल्डिंग्स, एलुमिनियम की सीढ़ियां, और फाइबर रीइंफोर्स्ड प्लास्टिक की सीढ़ियां हैं। यूपी के ग्रेटर नोएडा में इसकी तीन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल में इसके 17 वेयरहाउसेज हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹3.65 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹6.55 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹13.01 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 55% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹71.62 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹10.50 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹49.07 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹37.67 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹20.15 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।