Multibagger Stock: टेक्सटाइल और रीयल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी स्वान एनर्जी (Swan Energy) के शेयरों में कुछ दिनों से बाजार की कमजोरी का असर दिख रहा है। 3 जनवरी को यह रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था और उस लेवल से यह 8 फीसदी फिसल चुका है। हालांकि लॉन्ग टर्म में इसने महज 18 हजार रुपये के निवेश पर ही करोड़पति बना दिया है। आज 6 जनवरी को इसके शेयर कारोबार की शुरुआत में मजबूत हुए थे और ग्रीन जोन में थे लेकिन फिर टूटते बाजार के दबाव में यह 3.60 फीसदी की गिरावट के साथ 311 रुपये के भाव (Swan Energy Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में बीएसई पर यह 323.85 रुपये पर पहुंच गया था। इसका मार्केट कैप 8,207.82 करोड़ रुपये है।
19 साल में 18 हजार बन गए एक करोड़
Swan Energy का शेयर 27 अप्रैल 2004 को महज 56 पैसे के भाव में मिल रहा था। अब यह 55436 फीसदी मजबूत होकर 311 रुपये के भाव में है। इसका मतलब हुआ कि स्वान एनर्जी ने महज 18 हजार रुपये के निवेश पर ही निवेशकों को करोड़पति बना दिया। खास बात यह है कि स्वान एनर्जी के शेयरों ने लॉन्ग टर्म ही नहीं बल्कि कम टाइम फ्रेम में भी शानदार रिटर्न दिया है। पिछले साल 6 जनवरी को यह 131 रुपये के एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर था। हालांकि फिर यह 3 जनवरी 2023 तक 159 फीसदी मजबूत होकर 339 रुपये की रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया।
Swan Energy के शेयर क्यों पहुंचे रिकॉर्ड ऊंचाई पर
स्वान एनर्जी टेक्सटाइल और रीयल एस्टेट सेक्टर में है। हालांकि अब इसने सब्सिडियरीज के जरिए एलएनजी पोर्ट टर्मिनल, पेट्रो प्रोडक्ट्स, डिफेंस शिप बिल्डिंग में भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। स्वान एनर्जी एक और मजबूत सेक्टर में एंट्री मारने वाली है। पिछले साल 29 दिसंबर 2022 को कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग को खरीदने के लिए हेजल मर्केंटाइल ने जो रिजॉल्यूशन प्लान दाखिल किया था, उसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने मंजूर कर लिया है। स्वान एनर्जी ने रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग को खरीदने के लिए हेजल मर्केंटाइल के साथ एक एसपीवी हेजल इंफ्रा के जरिए साझेदारी किया है। इसका खुलासा होने के बाद महज चार कारोबारी दिनों में स्वान एनर्जी के शेयर 15 फीसदी उछल गए।
स्वान एनर्जी के शेयरों में मजबूती की एक और वजह सालाना 5 मिलियन मीट्रिक टन के एलएनजी पोर्ट टर्मिनल का वित्त वर्ष 2022-23 में ही पूरा होकर शुरू हो जाने की उम्मीद है। अप्रैल-सितंबर 2022 छमाही में कंपनी को ऊंची लागत के चलते 107 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जबकि पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि में इसे 76.86 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था। हालांकि रेवेन्यू सालाना आधार रर 105.60 करोड़ रुपये से बढ़कर 403.85 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी शेयर परफार्मेंस के आधार पर दी गई है। यह बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।