गोल्ड लोन NBFC मुथूट फाइनेंस के शेयरहोल्डर्स के लिए 3 अगस्त का दिन बेहद खराब जा रहा है। दिन में शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से 11 प्रतिशत तक टूटी। BSE पर शेयर 3,120.10 रुपये के लो तक गया। कंपनी के तिमाही नतीजे सामने आने के बाद शेयर में बिकवाली का दबाव है। मुनाफा और रेवेन्यू सालाना आधार पर बढ़ा है, जबकि तिमाही आधार पर गिरा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़कर 2,825 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 1974.24 करोड़ रुपये था।
ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 34.4 प्रतिशत बढ़कर 8671.60 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 6450.13 करोड़ रुपये था। मुथूट फाइनेंस के कुल खर्च भी बढ़कर करीब 4,898 करोड़ रुपये पर पहुंच गए, जो जून 2025 तिमाही में लगभग 3,812 करोड़ रुपये के थे। जून 2026 तिमाही में कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) का आंकड़ा 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,91,532 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 1,33,938 करोड़ रुपये था।
Muthoot Finance पर ब्रोकरेज की राय
जेफरीज ने स्टॉक की रेटिंग घटाकर 'होल्ड' कर दी है। टारगेट प्राइस घटाकर 3,300 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि मुथूट फाइनेंस का जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन अनुमान से 18 प्रतिशत कम रहा। यील्ड नॉर्मलाइजेशन, कम रेट स्लैब में रोलओवर और कॉम्पिटिशन के कारण कीमतों में कटौती से शुद्ध ब्याज मार्जिन में बड़ी गिरावट देखी गई। कॉम्पिटिशन और सोने की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव का असर वित्त वर्ष 2027 में कंपनी की प्रति शेयर अर्निंग्स (EPS) ग्रोथ पर पड़ सकता है। जेफरीज ने FY27-28 के लिए EPS अनुमानों में 7-8 प्रतिशत की कटौती की है। वित्त वर्ष 2027 में EPS ग्रोथ 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
बर्नस्टीन का मानना है कि कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज ने स्टॉक के लिए 4,500 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह भी कहा कि जहां एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है, वहीं मार्जिन रीसेट मौजूदा मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ की राह पर दबाव डाल रहा है। CLSA ने स्टॉक के लिए 4,000 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी गोल्ड लोन इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन में भारी बढ़ोतरी का जिक्र किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इंडस्ट्री में कस्टमर जोड़ने की आक्रामक होड़ का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे मुथूट फाइनेंस की प्राइसिंग, स्प्रेड और मार्जिन पर लगातार दबाव बना रहेगा। कंपनी को मार्केट शेयर बचाने और मुनाफा बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर "न्यूट्रल" रेटिंग बरकरार रखी है।
शेयर इस साल अब तक 25 प्रतिशत गिरा
मुथूट फाइनेंस के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 25 प्रतिशत कमजोर हुआ है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,149 रुपये और एडजस्टेड लो 2,478 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 73.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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