हिंदुजा ग्रुप (Hinduja Group) की इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) की योजना अब म्यूचुअल फंड सेक्टर में एंट्री की है। इस योजना के तहत अमेरिका की वैश्विक इनवेस्टमेंट फर्म इनवेस्को ग्रुप की भारतीय इकाई Invesco MF की मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्र के मुताबिक इसे लेकर 9-10 महीने से बातचीत चल रही है और अब यह काफी आगे पहुंच चुकी है। डील की शर्तों के मुताबिक इंडसइंड बैंक की प्रमोटर IIHL इनवेस्को म्यूचुअल फंड की 60 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकती है और बाकी 40 फीसदी हिस्सेदारी इनवेस्को ग्रुप के ही पास रहेगी।
मैनेजमेंट में नहीं होगा बदलाव
IIHL की योजना इनवेस्को म्यूचुअल फंड की मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने की है लेकिन इसके मैनेजमेंट में कोई बदलाव नहीं होगा। एक सूत्र ने बताया कि इस को लेकर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर और ऐलान आने वाले कुछ हफ्तों में हो सकता है। खरीदारी के बाद भी मैनेजमेंट यही रखने की योजना है और इसके सीईओ सौरभ नानावटी बने रहेंगे। एक सूत्र के मुताबिक हिंदुजा ग्रुप के लिए यह सौदा उनकी BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस) में एंट्री की योजना के अनुरुप है और खासतौर से तब जब रिलायंस कैपिटल के लिए IIHL के रिजॉल्यूशन प्लान को NCLT ने मंजूरी दे दी है।
IIHL और Reliance Capital का क्या है मामला
पिछले साल जून 2023 में कर्जदाताओं की कमेटी ने दिवाला प्रक्रिया के तहत इंश्योरेंस, एसेट रीकंस्ट्रक्शन और ब्रोकिंग सेगमेंट की रिलायंस कैपिटल के लिए IIHL की 9,660 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दे दी थी। RBI और CCI ने इस डील को मंजूरी दे दी है। बाद में IIHL के बोर्ड ने भी 150 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी जिसका इस्तेमाल इंडसइंड बैंक की हिस्सेदारी 15 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी करने और रिलायंस कैपिटल के खरीदारी की फंडिंग में होगा। 25 अक्टूबर 2023 को हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन एपी हिंदुजा ने लंदन में मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ग्रुप की योजना पूरे BFSI सेगमेंट में एंट्री की है और 2030 तक इसमें 3500-4000 करोड़ डॉलर का वैल्यूएशन हासिल करने की है।
इनवेस्को की बात करें तो यह अमेरिकी फंड हाउस है और रेलिगेयर सिक्योरिटीज के साथ साझेदारी में 2013 में रेलिगेयर इनवेस्को एसेट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में भारतीय मार्केट में एंट्री मारी थी। इनवेस्को की इसमें 49 फीसदी हिस्सेदारी थी। अप्रैल 2016 में इसने बाकी 51 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीद ली और फिर इसका नाम इनवेस्को म्यूचुअल फंड हो गया। दिसंबर 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसका औसतन एसेट बेस 74.5 हजार करोड़ रुपये से अधिक है और यह देश की 17वीं सबसे बड़ी एसेट मैनेजर है।