एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मई 2023 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में आना वाला निवेश 50 फीसदी घटकर 3240.30 करोड़ रुपये रह गया। निवेशकों ने इस अवधि में अपना कुछ पैसा निकाल लिया है। मई 2023 में इक्विटी एमएफ में होने वाला निवेश नवंबर 2022 के बाद से सबसे कम स्तर पर रहा है। बता दें कि नवंबर 2022 में इक्विटी फंडों में लगभग 2500 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। जहां तक मई 2023 की बात है तो गिरावट के बावजूद इस अवधि में इक्विटी फंड में आने वाला पैसा लगातार 27 महीनों में पॉजिटिव जोन में बना रहा है।
इसके अलावा, सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए होने वाला निवेश मई में 14748.68 करोड़ रुपये के नए रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया। अप्रैल में, SIP के जरिए से होने वाला नया निवेश मार्च के 14276 करोड़ रुपये से घटकर 13727.63 करोड़ रुपये रहा था।
कुल मिलाकर ओपन-एंडेड म्युचुअल फंडों में मई में आने वाला शुद्ध निलेश 59879.31 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले महीने में 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा था। बाजार जानकारों का कहना है कि लार्ज-कैप फंडों में कुछ बिकवाली देखने को मिली क्योंकि निवेशकों ने मुनाफावसूली करने का विकल्प अपनाया।
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मनीष मेहता ने कहा कि चढ़ते बाजार में प्रॉफिट बुकिंग के साथ-साथ वैकेशन और एजुकेशन पर संभावित खर्च मई में म्यूचुअल फंड में कम निवेश के कारण हो सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों से भारतीय बाजार काफी वोलैटाइल रहे हैं। बीएसई सेंसेक्स में वर्ष की शुरुआत के बाद से लगभग 2 फीसदी बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि मार्च के अंत से अब तक बीएसई सेंसेक्स करीब 7 फीसदी चढ़ा है।
इक्विटी की बात करें लार्ज-कैप फंडों से मई में 1362.28 करोड़ रुपये की निकासी देखने को मिली है। जबकि स्मॉल-कैप फंडों में 3282.50 करोड़ रुपये का निवेश आया है। मई में डेट म्युचुअल फंडों में आने वाला निवेश भी अप्रैल के 1.06 लाख करोड़ रुपये से आधे से ज्यादा घटकर 45,959.03 करोड़ रुपये पर रह गया है।
इसी तरह लार्ज एंड मिड कैप फंड में 1133.26 करोड़ रुपये निवेश आता दिखा। जबकि मिड कैप फंडों में 1195.65 करोड़ रुपये की खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, फ्लेक्सी-कैप, फोकस्ड फंड, टैक्स-सेविंग इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) में मई के दौरान बिकवाली देखी गई।
डेट फंडों में होने वाला निवेश भी घटा
मई 2023 में डेट म्युचुअल फंडों में होने वाला निवेश भी अप्रैल के 1.06 लाख करोड़ रुपये से घटकर 45959.03 करोड़ रुपये रह गया। डेट सेगमेंट में, शॉर्ट-टर्म लिक्विड फंड्स में 45234.22 करोड़ रुपये का भारी निवेस आता दिखा वहीं, दूसरी ओर ओवरनाइट फंड्स में 18910.27 करोड़ रुपये की निकासी देखने को मिली। इसके अलावा अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन, लो ड्यूरेशन और मनी मार्केट फंड्स में भी निवेश आता दिखा।
इक्विटी, डेट, कमोडिटी और विदेशी इक्विटी जैसे एसेट क्लास के कॉम्बिनेशन में निवेश करने वाले हाइब्रिड फंडों में मई में 6092.85 करोड़ रुपये का निवेश देखने को मिला। आर्बिट्रेज फंडों में मई में 6639.64 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, बैलेंस्ड हाइब्रिड/एग्रेसिव हाइब्रिड फंडों से निकासी जारी रही। इन स्कीमों से मई में 996.78 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई।
इसी तरह आर्बिट्राज, इक्विटी और डेट में रिटर्न जेनरेट करने के लिए निवेश करने वाले इक्विटी सेविंग्स फंड्स में मई महीने में 444.66 करोड़ रुपये का निवेश आया। कुल मिलाकर मई महीने ओपन एंडेड म्युचुअल फंडों कुल एयूएम 42.90 लाख करोड़ रुपये रही। इसी तरह ओपन-एंडेड म्युचुअल फंडों में मई में आने वाला कुल निवेश 59879.31 करोड़ रुपये रहा जो पिछले महीने यानी अप्रैल 2023 में 1.24 लाख करोड़ रुपये था।