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Mutual Funds Shopping: वर्ष 2024 में नए स्टॉक्स पर दांव लगाने की रफ्तार सुस्त, BSE की इतनी ही कंपनियां हैं पोर्टफोलियो में

Mutual Funds Shopping: पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड्स पोर्टफोलियो में स्टॉक्स की संख्या तेजी से बढ़ा रही थीं। पहले वे 800 के करीब स्टॉक्स में पैसे लगाती थीं लेकिन अब यह आंकड़ा 1000 के पार है। हालांकि इस वर्ष रफ्तार सुस्त हुई है। इस साल 2024 में उन्होंने महज 6 फीसदी ही स्टॉक्स बढ़ाए हैं और 67 नए स्टॉक्स शामिल हुए हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 17, 2024 पर 11:35 AM
Mutual Funds Shopping: वर्ष 2024 में नए स्टॉक्स पर दांव लगाने की रफ्तार सुस्त, BSE की इतनी ही कंपनियां हैं पोर्टफोलियो में
Mutual Funds Shopping: म्यूचुअल फंडों ने पोर्टफोलियो में इस साल 2024 में महज 6 फीसदी ही स्टॉक्स बढ़ाए हैं और दिसंबर 2023 में यह 1015 स्टॉक्स से बढ़कर नवंबर 2024 में 1082 स्टॉक्स पर पहुंच गया है यानी कि 67 नए स्टॉक्स शामिल हुए हैं।

Mutual Funds Shopping: म्यूचुअल फंडों ने अब अपने पोर्टफोलियों में नए शेयरों को शामिल करने की रफ्तार सुस्त कर दी है। इस साल 2024 में उन्होंने महज 6 फीसदी ही स्टॉक्स बढ़ाए हैं और दिसंबर 2023 में यह 1015 स्टॉक्स से बढ़कर नवंबर 2024 में 1082 स्टॉक्स पर पहुंच गया है यानी कि 67 नए स्टॉक्स शामिल हुए हैं। इससे पहले दिसंबर 2022 में उनके पास 881 कंपनियों के स्टॉक्स थे। खास बात ये है कि जो स्टॉक्स बढ़े भी हैं, उसमें से अधिकतर तो पिछले दो साल में लिस्ट हुए आईपीओ के जरिए आए हैं। इस साल 2024 में अब तक म्यूचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो में शामिल 1,082 स्टॉक्स में से लगभग 272 ने निगेटिव रिटर्न दिया है, जबकि 100 स्टॉक्स ने 10 फीसदी से कम और बाकी स्टॉक्स ने 10 फीसदी से लेकर 400 फीसदी तक रिटर्न दिया है।

इक्विटी स्कीमों में लगातार 45 महीने निकासी से अधिक निवेश

पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में लगातार निवेश आ रहा है। ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स में पिछले 45 महीनों से निकासी की तुलना में निवेश अधिक बना हुआ है। इस साल की बात करें तो जनवरी से अब तक कुल 3.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो 2023 और 2022 में 1.61 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है। मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट प्रशांत तापसे का कहना है कि म्यूचुअल फंड्स नए दौर की कंपनियों पर भी दांव लगा रही हैं। नए दौर की कंपनियों का मतलब एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, वारी एनर्जीज जैसी रिन्यूएबल एनर्जी और पेटीएम, स्विगी जैसी इंटरनेट पर आधारित कारोबार वाली कंपनियां इत्यादि हैं।

20% लिस्टेड कंपनियों पर ही दांव लगी रहीं Mutual Funds

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