Mutual funds SIP: किस तरह कम जोखिम पर ज्यादा से ज्यादा कमा सकते हैं रिटर्न, जानें कमाई का फॉर्मूला

ट्रेयनोर रेश्यो फॉर्मूला निवेशकों को वोलैटिलिटी-एडजस्टेड रिटर्न के बारे में बताता है

अपडेटेड Jan 22, 2022 पर 12:50 PM
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शार्प रेश्यो फॉर्मूला निवेशकों को रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न के बारे बताता है

म्यूचुअल फंड एसआईपी (Mutual funds SIP) रिटर्न बाजार जोखिम के अधीन है क्योंकि यह एक इनडायरेक्ट इक्विटी एक्सपोजर है। इसलिए टैक्स और निवेश एक्स्पर्ट्स निवेशकों को निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एसआईपी प्लान चुनते समय विभिन्न ऐंगल्स पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। एक्सपर्ट्स ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किसी प्लान के वार्षिक रिटर्न को देखते हुए एक निवेशक को चुनिंदा म्यूचुअल फंड प्लान्स का एक बंच मिलता है, लेकिन उनमें से सर्वश्रेष्ठ को चुनना थोड़ा मुश्किल है। इस भ्रम को दूर करने के लिए एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को उपलब्ध प्लान्स पर शार्प रेश्यो फॉर्मूला (sharpe ratio formula)लागू करने की सलाह दी क्योंकि म्यूचुअल फंड में शार्प रेश्यो एक निवेशक को कम जोखिम के साथ अपने पैसे पर अधिक कमाई करने में मदद करता है।

म्यूचुअल फंड एसआईपी में शार्प रेश्यो पर बोलते हुए; ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के एमडी और सीईओ पंकज मथपाल (Pankaj Mathpal, MD & CEO at Optima Money Managers) ने कहा, "म्यूचुअल फंड एसआईपी में शार्प रेश्यो का इस्तेमाल म्यूचुअल फंड एसआईपी प्लान के रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न की गणना करने के लिए किया जाता है। मूल रूप से यह निवेशक को बताता है कि उसे एक जोखिम भरे एसेट रखने पर कितना अतिरिक्त रिटर्न मिलेगा। यह एक संभावित निवेशक के लिए काफी आसान हो जाता है अगर उसे पिछले कुछ वर्षों में अपने निवेशकों को लगभग समान रिटर्न देने वाले म्यूचुअल फंड प्लान्स में से किसी एक को चुनना है। "

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म्यूचुअल फंड प्लान्स में शार्प रेश्यो फॉर्मूला का उपयोग कैसे करें; सेबी पंजीकृत कर और निवेश विशेषज्ञ जितेंद्र सोलंकी (SEBI registered tax and investment expert Jitendra Solanki) ने कहा, "समान श्रेणी के म्यूचुअल फंड प्लान्स की तुलना करते समय इस फॉर्मूले का उपयोग करना चाहिए। मिड-कैप सेगमेंट के म्यूचुअल फंड प्लान की तुलना किसी स्मॉल- कैप सेगमेंट के म्युचुअल फंड से करने का कोई मतलब नहीं है। इस फॉर्मूले को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करने चाहिए कि तुलना किये जाने वाले प्लान्स समान श्रेणी के हों।"

सेबी के पंजीकृत एक्सपर्ट्स ने म्यूचुअल फंड निवेशकों को ट्रेयनोर रेश्यो फॉर्मूला (treynor ratio formula) भी लागू करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शार्प रेश्यो निवेशक को जोखिम-एडजस्टेड रिटर्न के बारे में बताता है जबकि म्यूचुअल फंड में ट्रेयनोर रेश्यो बाजार की वोलैटिलिटी-एडजस्टेड रिटर्न के बारे में बताता है। चूंकि, म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं, इसलिए म्यूचुअल फंड प्लान्स की तुलना करते समय ट्रेयनोर रेश्यो को भी चेक करना चाहिए। सोलंकी ने यह भी कहा कि फॉर्मूला एकमुश्त और एसआईपी निवेश दोनों के लिए अच्छा है। इसलिए दोनों प्रकार के म्यूचुअल फंड निवेशकों को निवेश के लिए म्यूचुअल फंड प्लान तय करने से पहले शार्प रेश्यो फॉर्मूला और ट्रेयनोर रेश्यो फॉर्मूला लागू करने की सलाह दी जाती है।

 

 

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