Get App

SIP Investments: एसआईपी में बढ़ रहा निवेशकों का क्रेज, डीमैट खाते की संख्या भी बढ़ी, चेक करें आंकड़े

Investing in SIP: स्टॉक मार्केट में इस समय काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। हालांकि इसके बावजूद सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) में उछाल और डीमैट खातों की बढ़ती संख्या से संकेत मिल रहे हैं कि निवेशकों का भरोसा भारतीय शेयरों में बना हुआ है। मजबूत इकनॉमिक फंडामेंटल्स, कंपनियों की बेहतर कमाई, राजनीतिक तौर पर स्थिरत और इंफ्लेशन की नरमी जैसे अहम वजहों ने इस भरोसा को बढ़ाया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Feb 09, 2024 पर 10:51 AM
SIP Investments: एसआईपी में बढ़ रहा निवेशकों का क्रेज, डीमैट खाते की संख्या भी बढ़ी, चेक करें आंकड़े
SIP खाते में उछाल के साथ-साथ बड़ी संख्या में निवेशकों ने शेयरों में निवेश के लिए डीमैट खाते खोले।

स्टॉक मार्केट में इस समय काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। हालांकि इसके बावजूद सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) में उछाल और डीमैट खातों की बढ़ती संख्या से संकेत मिल रहे हैं कि निवेशकों का भरोसा भारतीय शेयरों में बना हुआ है। मजबूत इकनॉमिक फंडामेंटल्स, कंपनियों की बेहतर कमाई, राजनीतिक तौर पर स्थिरत और इंफ्लेशन की नरमी जैसे अहम वजहों ने इस भरोसा को बढ़ाया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद पॉजिटिव सेंटिमेंट बना रहेगा। लॉन्ग टर्म की प्रॉमिसिंग संभावनाओं और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के सहयोग से इसे सपोर्ट मिलेगा।

SIP के लिए कितना बढ़ा क्रेज

जनवरी में 51.84 लाख से अधिक निवेशकों ने SIP शुरू किया जो दिसंबर में 40.33 लाख से करीब 28.5 फीसदी अधिक है। वहीं सालाना आधार पर इसमें 128.9 फीसदी का उछाल रहा। SIP खातों की कुल संख्या दिसंबर 2023 में 7.64 करोड़ से बढ़कर 7.92 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वित्त वर्ष 2022 में 2.66 करोड़ रजिस्ट्रेशन और वित्त वर्ष 2023 में 2.51 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुए थे जबकि वित्त वर्ष 2024 के शुरुआती 9 महीनों में ही ये आंकड़े पीछे हो गए और 3.36 रजिस्ट्रेशन हुए।

वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में निवेशकों ने एसआईपी बंद भी किया। पिछले महीने जनवरी में 23.79 लाख निवेशकों ने एसआईपी से पैसे निकाल लिए। वित्त वर्ष 2024 में करीब 1.80 करोड़ निवेशकों ने अपनी एसआईपी बंद कर दी जबकि वित्त वर्ष 2023 में 1.43 करोड़ और वित्त वर्ष 2022 में 1.11 करोड़ निवेशकों ने एसआईपी बंद किया था। एनालिस्ट्स के मुताबिक कुछ निवेशक घरेलू शेयरों में तेजी के चलते अपने पैसे एसआईपी से निकाल रहे हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें