देश की पहली लिस्टेड गेमिंग टेक कंपनी नजारा टेक (Nazara Tech) के शेयरों में आज भारी बिकवाली दिख रही है। इसके शेयर आज इंट्रा-डे में बीएसई पर करीब 7 फीसदी टूटकर 483.05 रुपये तक फिसल गए थे। नजारा के शेयरों में बिकवाली का यह दबाव अमेरिका के डूब चुके बैंक सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) में खातों की वजह से है। नजारा की दो सब्सिडियरीज का एसवीबी में कैश डिपॉजिट है और एसवीबी डूब चुकी है। एसवीबी के डूबने का झटका नजारा के शेयरों पर आज दिख रहा है। फिलहाल यह निचले स्तर से रिकवर होकर 1.71 फीसदी की कमजोरी के साथ 508.90 रुपये के भाव (Nazara Tech Share Price) पर ट्रेड हो रहा है। बता दें कि नजारा में रेखा राकेश झुनझुनवाला (Rekha Rakesh Jhunjhunwala) की 10 फीसदी हिस्सेदारी है।
Nazara के शेयरों में उतार-चढ़ाव क्यों
नजारा ने 12 मार्च को जानकारी दी कि इसकी दो सब्सिडियरीज Kiddopia Inc and Mediawrkz Inc के सिलिकॉन वैली बैंक में कैश जमा हैं। नजारा की स्टेप-डाउन सब्सिडियरीज के एसवीबी में करीब 64 करोड़ रुपये जमा हैं। हालांकि नजारा ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह भी जानकारी दी है कि एसवीबी में डिपॉजिट्स को छोड़ भी दिया जाए तो नजारा ग्रुप के पास 600 करोड़ रुपये का कैश और कैश इक्विवैलेंट्स का हेल्दी रिजर्व बना हुआ है। इस वजह से नजारा के शेयरों की गिरावट थमी है। किड्डोपिया पेपर बोट्स ऐप्स की सब्सिडियरी है जिसमें नजारा की 51.5 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि Mediawrkz की बात करें तो यह Datawrkz Business Solutions की सब्सिडियरी है और इसमें नजारा की 33 फीसदी हिस्सेदारी है।
नजारा ने पिछले साल अमेरिकी गेम डेवलपमेंट स्टूडियो WildWorks का अधिग्रहण किया था जिसका फोकस गेमिफाईड अर्ली लर्निंग में है। इस सेग्मेंट में पहले से ही नजारा गेमिफाईड लर्निंग ऐप किड्डोपिया के जरिए थी जो 2-7 वर्ष के आयु वर्ग के लिए है। अब वाइल्डवर्क्स के अधिग्रहण के जरिए नजारा की पहुंच 8-12 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों तक भी हो गई। चालू वित्त वर्ष 2022-23 के शुरुआती नौ महीनों अप्रैल-जून 2022 की बात करें तो किड्डोपिया और वाइल्डवर्क्स की नजारा के टोटल रेवेन्यू में 24 फीसदी हिस्सेदारी रही। वहीं एडवरटाइजिंग टेक सर्विसेज मुहैया कराने वाली Datawrkz की 14 फीसदी।
मार्केट एक्सपर्ट्स नजारा को लेकर हैं पॉजिटिव
एसवीबी के झटकों को लेकर नजारा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि इससे उसके कारोबार पर असर नहीं पड़ेगा। वहीं ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने इसे खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक नजारा का पोर्टफोलियो ऐसा है कि यह एपल के प्राइवेसी पॉलिसी या नियामकीय अनिश्चितता से जुड़े रिस्क को डाइवर्सिफाई कर देता है। इसके अलावा इनऑर्गेनिक रूट के जरिए भी इसकी ग्रोथ का शानदार रुझान है।
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