RBI के पास कोई प्रस्ताव नहीं, चमक गए Shriram Finance और Bajaj Finance के शेयर

NBFC Stocks: घरेलू स्टॉक मार्केट की रौनक के बीच बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance) के शेयर करीब 3% तक उछल पड़े। इनमें यह तेजी इसलिए आई क्योंकि RBI इनके टॉप मैनेजमेंट के कार्यकाल को लेकर किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है। जानिए यहां किस प्रस्ताव की बात हो रही है और अभी क्या नियम है

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 4:17 PM
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एनबीएफसी के सीईओ की नियुक्ति के लिए अभी आरबीआई की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, जबकि बैंकों के सीईओ की नियुक्ति के लिए यह जरूरी है।

NBFC Stocks: आरबीआई ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है, जिसमें NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों) के टॉप मैनेजमेंट के टेन्योर पर कैप लगाने या फोर्स रोटेशन लागू करने की बात हो। यह जानकारी सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली है। पिछले हफ्ते कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक RBI इस तरह के कदम पर विचार कर रहा है, जिसके कारण बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस जैसे एनबीएफसी के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। हालांकि अब जब सामने आ रहा है कि आरबीआई ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है तो इनके शेयर संभल गए।

आज इंट्रा-डे में बजाज फाइनेंस के शेयर 2.85% उछलकर ₹893.35 (Bajaj Finance Share Price) और श्रीराम फाइनेंस के शेयर 2.39% चढ़कर ₹1029.00 (Shriram Finance Share Price) तक पहुंच गए। दिन के आखिरी में बजाज फाइनेंस ₹879.70 (+1.28%) और श्रीराम फाइनेंस ₹1021.45 (+1.64%) पर बंद हुआ है।

अभी क्या हैं नियम?


एनबीएफसी के सीईओ की नियुक्ति के लिए अभी आरबीआई की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, जबकि बैंकों के सीईओ की नियुक्ति के लिए यह जरूरी है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के तहत आरबीआई के फिट एंड प्रॉपर टेस्ट को पास करने के बाद बैंक में सीईओ के तौर पर नियुक्ति होती है। पिछले हफ्ते एक नोट में ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने कहा था कि अभी नॉन-बैंक लेंडर्स को अपने प्राइवेट बैंकिंग पियर्स के मुकाबले जो नियामकीय फायदा मिलता है, वह खत्म होता है तो इसका सबसे अधिक असर बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस पर दिख सकता है।

प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स का अधिकतम कार्यकाल 15 वर्ष तक का हो सकता है जिसमें अधिकतम आयु 70 वर्ष है। वहीं एनबीएफसी का बोर्ड सीईओ की नियुक्ति, उनके कार्यकाल और उनके वेतन का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। श्रीराम फाइनेंस की बात करें तो एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन उमेश रेवंकर कंपनी के बोर्ड में 14 साल तक काम कर चुके हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर 2029 में समाप्त होना है तो बजाज फाइनेंस में राजीव जैन कंपनी के बोर्ड में 11 साल से हैं और उनका कार्यकाल मार्च 2028 में समाप्त होगा।

Bajaj Finance और Shriram Finance के शेयरों की एक साल में कैसी रही चाल?

बजाज फाइनेंस के शेयर पिछले साल 7 अप्रैल 2025 को ₹810.21 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से छह महीने में यह 36.07% चढ़कर 23 अक्टूबर 2025 को ₹1,102.45 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है।

अब श्रीराम फाइनेंस की बात करें तो इसने निवेशकों की झोला ताबड़तोड़ स्पीड से भरी है। पिछले साल 29 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹566.40 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से छह महीने में 95.62% चढ़कर पिछले महीने 26 फरवरी 2025 को ₹1108.00 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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