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शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट को लेकर सावधानी बरतना जरूरी: वित्त मंत्री

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शेयर बाजार में सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों मसलन फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। सीतारमण ने कहा कि शेयर बाजार में ऐसी गतिविधियों को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी और रिजर्व बैंक भी चिंता जता चुका है। न्यूज18 चैनल के 'चौपाल' कार्यक्रम में नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ बातचीत में कहा, ' हमें बाजार को मजबूत बनाने के लिए उसे आगे बढ़ाना होगा। हालांकि, जब सट्टेबाजी जैसी गतिविधियां ज्यादा हों, तो सावधानी बरतने की जरूरत है'

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 16, 2024 पर 8:05 PM
शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट को लेकर सावधानी बरतना जरूरी: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूज18 चैनल के 'चौपाल' कार्यक्रम में नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ बातचीत की।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शेयर बाजार में सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों मसलन फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। सीतारमण ने कहा कि शेयर बाजार में ऐसी गतिविधियों को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी और रिजर्व बैंक भी चिंता जता चुका है। न्यूज18 चैनल के 'चौपाल' कार्यक्रम में नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ बातचीत में कहा, ' हमें बाजार को मजबूत बनाने के लिए उसे आगे बढ़ाना होगा। हालांकि, जब सट्टेबाजी जैसी गतिविधियां ज्यादा हों, तो सावधानी बरतने की जरूरत है।'

सीतारमण ने कहा, 'हम मध्य वर्ग को फायदा पहुंचाने के लिए हम विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। 2019 से डायरेक्ट टैक्स सिस्टम आसान बनाने की कोशिश हो रही है। काफी विचार-विमर्श के बाद कम दरों के साथ डायरेक्ट टैक्स रिजीम को पेश किया गया।' उन्होंने कहा कि बजट में डायरेक्ट टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके बजाय मध्य वर्ग को ध्यान में रखते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन को कम किया गया है। सीतारमण का यह भी कहना था कि 78 पर्सेंट से भी ज्यादा टैक्सपेयर्स पुराने से नए टैक्स रिजीम की तरफ ट्रांसफर हुए हैं।

इसके अलावा, सीतारमण ने जीएसटी के मुद्दे पर भी बात की। वित्त मंत्री ने कहा, 'मंत्रियों का समूह टैक्स दरों को आसान बनाने और इसे कम करने पर काम कर रहा है। इस बारे में काउंसिल और मंत्रियों का समूह फैसला करेगा।' सेबी चीफ माधबी पुरी बुच ने भी जुलाई में कहा था कि डेरिवेटिव मार्केट में वॉल्यूम में बढ़ोतरी मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर चिंता का विषय है और यह मामला सिर्फ निवेशकों के एक समूह तक सीमित नहीं है। बुच की यह टिप्पणी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में बढ़ते उत्साह को लेकर आई थी।

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