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नीलकंठ मिश्रा ने बैंकिंग स्टॉक्स खरीदने की दी सलाह, जानें वे क्यों हुए बैंक शेयरों पर बुलिश

नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि आरबीआई ने हाल ही में लिक्विडिटी पर अपना रुख आसान कर दिया है। इससे बैंक अधिक स्वतंत्र रूप से लोन देने के लिए प्रोत्साहित होंगे। जैसे ही बैंक अक्टूबर में RBI द्वारा घोषित "न्यूट्रल" रुख को अपनायेंगे, लोन ग्रोथ में तेजी देखने को मिल सकती है। इससे बैंकों को मार्जिन में सुधार करने और लोन देने का विस्तार करने की अनुमति मिलेगी

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Nov 02, 2024 पर 1:44 PM
नीलकंठ मिश्रा ने बैंकिंग स्टॉक्स खरीदने की दी सलाह, जानें वे क्यों हुए बैंक शेयरों पर बुलिश
निफ्टी बैंक इंडेक्स में इस साल अब तक 7% से अधिक की तेजी देखने को मिली है। पिछले वर्ष में इसमें 20% से अधिक की वृद्धि हुई थी

एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री और एक्सिस कैपिटल के ग्लोबल रिसर्च हेड नीलकंठ मिश्रा (Neelkanth Mishra, Chief Economist at Axis Bank) ने लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार और लोन ग्रोथ में अपेक्षित वृद्धि का हवाला देते हुए निवेशकों को बैंकिंग शेयरों में निवेश करने की सलाह दी है। मिश्रा ने कहा, "...पिछले दो वर्षों में क्ंवाटिटी के मामले में चुनौती देखने मिली। मेरा मतलब है कि बैंक जिस कच्चे माल (जमा या नकदी भंडार) के साथ काम करते हैं। वह एक समस्या बनना शुरू हो गया है।" लिक्वडिटी की कड़ी स्थितियाँ बैंकों की लोन देने की क्षमता पर असर डाल रही हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India (RBI) के लिक्विडिटी के मामले में पिछले सख्त रुख ने, हाई लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो के साथ मिलकर, क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ को धीमा कर दिया था। इससे बैंकिंग सेक्टर में "डाउनवर्ड स्पायरल" या नीचे की ओर का मूवमेंट पैदा हो गया था।

उन्होंने कहा, "अगर बैंक लोन में कटौती करना शुरू कर देते हैं या लोन ग्रोथ को धीमा करना शुरू कर देते हैं, तो इससे डिपॉजिट ग्रोथ धीमी हो जाती है। फिर बैंक की गति एक तरह से नीचे की ओर जाती हुई दिखती है।"

RBI ने लिक्विडिटी पर आसान किया अपना रुख

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