देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को वित्त वर्ष 2026 के शुद्ध मुनाफे में करीब ₹25 हजार करोड़ की चोट लगने वाली है। इसकी वजह ये है कि एंवायर्नमेंट प्रोटेक्शन (एंड-ऑफ-लाइफ-वेईकल्स) रूल्स, 2025 यानी स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत एक अकाउंटिंग स्टैंडर्ड क्लॉज एक्टिव हो गया है। इसमें ऑटो कंपनियों को पहले की बेची हुई गाड़ियों को लेकर पर्यावरणीय मुआवजे के लिए बजटीय प्रावधान करना पड़ सकता है। इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव्स के मुताबिक इस साधारण से दिखने वाला प्रावधान को मिनिस्ट्री ऑफ एंवायर्नमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेंट चेंज ने जनवरी 2025 में नोटिफाई किया था और जब इसके असर के बारे में ऑडिटर्स ने ध्यान दिलाया तो ऑटो कंपनियां परेशान हो गईं।
