निफ्टी बैंक (Nifty Bank) इंडेक्स ने आज 3 जून को पहली बार 50,000 का आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रच दिया। इंडेक्स को 40,000 से 50,000 अंक का सफर करने में ढाई साल लग गए। इंडेक्स ने पहली बार अक्टूबर 2021 में 40,000 का आंकड़ा पार किया था। बता दें कि निफ्टी बैंक इंडेक्स में सरकारी और प्राइवेट दोनों बैंकों के शेयर शामिल हैं। पिछले छह सालों में निफ्टी बैंक दोगुना हो गया है। इसने पहली बार 27 जुलाई 2017 को 25,000 का आंकड़ा पार किया था। तब से, ICICI बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे शेयर इंडेक्स के किए टॉप गेनर्स बनकर उभरे हैं। वहीं एक्सिस बैंक (Axis Bank) और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) जैसे इंडेक्स में शामिल कई अन्य शेयरों का भाव पिछले छह सालों में दोगुना हो गया हैं।
निफ्टी बैंक में कुल 12 शेयर हैं। इसमें से सिर्फ तीन शेयर ही ऐसे हैं, जिनमें पिछले 6 सालों के दौरान कोई तेजी नहीं आई है। ये शेयर हैं- इंडसइंड बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बंधन बैंक। बंधन बैंक का शेयर जुलाई 2017 के भाव से आधा हो गया है। वहीं पीएनबी और इंडसइंड बैंक के शेयरों का रिटर्न भी इस दौरान नेगेटिव है।
निफ्टी बैंक के 12 घटकों में से तीन ने पिछले छह वर्षों में रैली में भाग नहीं लिया है। वे तीन हैं इंडसइंड बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बंधन बैंक। जुलाई 2017 से बंधन बैंक का शेयर आधा हो गया है, वहीं पीएनबी और इंडसइंड बैंक के शेयरों ने भी नकारात्मक रिटर्न दिया है।
वहीं दूसरी ओर, ICICI बैंक ने पिछले 6 सालों में बैंक निफ्टी को ऊपर ले जाने में सबसे अधिक योगदान दिया। निफ्टी बैंक पिछले 6 साल में 25,000 अंक बढ़ा है, जिसमें से 39 प्रतिशत योगदान अकेले ICICI बैंक का है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। हाल ही में इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 8 लाख करोड़ के पार चला गया था और मार्च तिमाही के नतीजों के बाद इसके शेयरों ने नया ऑलटाइम हाई छुआ था। HDFC बैंक और SBI ने बैंक निफ्टी की रैली में क्रमश: 21 और 20% का योगदान दिया।
बैंक निफ्टी ने साल 2023 में 12.3% का रिटर्न दिया था और यह निफ्टी के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टोरल इंडेक्स में से एक था। इस साल भी इंडेक्स का रिटर्न अबतक करीब 4.56 फीसदी है। इसके उलट, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 32.5% की तेजी आई है और रियल्टी और ऑटो के इंडेक्स में क्रमशः 30% और 26% की बढ़ोतरी हुई है।