शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा (Shankar Sharma) का मानना है कि साल 2022 में बाजार में करीब 10 पर्सेंट तक की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि बाजार कोरोना वायरस से जुड़ी चुनौतियों से अच्छी तरह निपट चुका है, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों को साल 2022 में बाजार में 10 पर्सेंट की गिरावट से इनकार नहीं करना चाहिए। खासतौर से यह देखते हुए बाजार में इस साल काफी ऊपर चढ़ चुका है।
उन्होंने कहा, "ग्लोबल स्तर पर पिछले 3 साल हमारे लिए बढ़त वाले रहे हैं। अगर आंकड़े देखें तो 3 साल की लगातार तेजी आने के बाद, चौथे साल उसमें गिरावट आने की संभावना रहती है। ऐसे में 2022 के एक अधिक मुश्किल साल रहने की संभावना है, जिसके बारे में दो महीने पहले तक शायद ही किसी ने सोचा होगा। इसलिए मुझे लगता कि हमें बाजार में 10 प्रतिशत की गिरावट की संभावना इंकार नहीं करना चाहिए। हालांकि इसके बावजूद मुझे यह नहीं लगता कि यह एक बीयर मार्केट होगा।"
शर्मा ने कहा कि जब ब्याज दरों की साइकल उलटी होती है, तो इसका सबसे ज्यादा असर इमर्जिंग देशों के बाजारों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा, "ब्याज दर बढ़ने के ऐलान से मुझे चौंका दिया है। यूएस फेड ने ब्याज दरों को लेकर जो कहा, मुझे उसकी उम्मीद नहीं थी। कोरोना अब कोई अनजान समस्या नहीं है। सभी को मालूम है कि यह एक महमारी है और केस बढने पर इस तरह के उपाय लागू हो सकते हैं। बाजार ज्ञात समस्याओं के कारण नहीं गिरते हैं। बाजार कोरोना वायरस से जुड़ी सबसे खराब स्थिति से 2020 में ही निपट चुका है। ऐसे में यूएस फेड का ब्याज दरों को बढ़ाने के ऐलान ने थोड़ी स्थिति बिगाड़ दी है। यही एक कारण है कि हम परेशान हैं। जब ब्याज दरें बढ़नी शुरू होती है तो आमतौर पर सबसे पहले इसका असर इमर्जिंग देशों पर होता है।"
शर्मा का मानना है कि IT शेयर 2022 में भी स्पष्ट तौर पर विजेता बना रहेगा जबकि बैंकों के खराब प्रदर्शन की संभावना है।
उन्होंने कहा, "पिछले साल बुल मार्केट शुरू होने के बाद से बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर में से एक रहे हैं। मुझे इस पर दोबारा विचार करने का कोई कारण नहीं दिखता है। मुझे लगता है कि IT सेक्टर विजेता रहा है और यह आगे भी बना रहेगा।"