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Nifty 50 में पहली बार 1250 अंकों की तेजी, अमेरिका और भारत की ट्रेड डील ने बरसाए ₹13 लाख करोड़

Nifty creates history: अमेरिका और भारत के बीच कारोबारी डील फाइनल होने के चलते पहली बार निफ्टी में आज 1000 अंकों से अधिक तेजी आई। वहीं सेंसेक्स में भी जोरदार तेजी आई। चौतरफा खरीदारी के माहौल में निवेशकों पर पैसों की जमकर बारिश हुई। जानिए कि सेक्टर में आज सबसे अधिक रौनक है और स्टॉकवाइज क्या हाल है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 03, 2026 पर 9:40 AM
Nifty 50 में पहली बार 1250 अंकों की तेजी, अमेरिका और भारत की ट्रेड डील ने बरसाए ₹13 लाख करोड़
एक कारोबारी दिन पहले 2 फरवरी को सेंसेक्स (Sensex) 943.52 प्वाइंट्स यानी 1.17% की बढ़त के साथ 81,666.46 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 262.95 प्वाइंट्स यानी 1.06% के उछाल के साथ 25,088.40 पर बंद हुआ था।

Nifty historical jumps: अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड फाइनल होने का असर आज घरेलू मार्केट में जोरदार दिखा। पहली बार निफ्टी 50 में 1250 से अधिक अंकों की बढ़त आई। इससे पहले 24 मई 2025 को इंट्रा-डे में निफ्टी रिकॉर्ड 936 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा था। एशियाई मार्केट में तो रौनक है ही, साथ ही गिफ्ट निफ्टी भी 1000 प्वाइंट्स से अधिक के उछाल के साथ 26,150 के पार है। निफ्टी के सभी सेक्टर्स के इंडेक्स ग्रीन हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुझान है। ओवरऑल बात करें तो BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹13 लाख करोड़ बढ़ गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही ₹13 लाख करोड़ बढ़ गई है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) फिलहाल 2508.59 प्वाइंट्स यानी 3.07% की तेजी के साथ 84,175.05 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 765.05 प्वाइंट्स यानी 3.05% के उछाल के साथ 25,853.45पर है। निफ्टी का रिकॉर्ड हाई 26,373.20 है जो इसने 5 जनवरी 2026 को इंट्रा-डे में छुआ था। निफ्टी इंट्रा-डे में आज 26,341.20 तक पहुंचा था। अब सेक्टरवाइज बात करें तो निफ्टी रियल्टी 4% से अधिक मजबूत हुआ है तो ऑटो, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के निफ्टी इंडेक्स में 3-3% से अधिक तेजी आई।

भारत-अमेरिका के बीच क्या डील हुई है फाइनल

समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए इसे 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी तेल के बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमति जताई।

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