Nifty in April: भारी उठा-पटक के बाद आखिरकार घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी इस वित्त वर्ष 2025 में ग्रीन जोन में बंद होने में सफल रहा। अब आगे की बात करें तो कल 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है और नए वित्त वर्ष 2026 के पहले महीने की बात करें तो पिछले दस साल के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे हैं क्योंकि पिछले 10 साल के अप्रैल में सात बार निफ्टी ग्रीन रहा है। मार्केट की तेज गिरावट के चलते वैल्यूएशन आकर्षक होने, विदेशी निवेशकों की वापसी और इकनॉमिक ग्रोथ में सुधार के चलते इस बात की उम्मीद बंधी है कि अप्रैल महीने में भी मार्केट की मौजूदा तेजी का माहौल बना रहेगा।
दस साल में ऐसा रहा Nifty 50 का परफॉरमेंस
जेएम फाइनेंशियल की एक स्टडी के मुताबिक पिछले दस साल के अप्रैल महीने में सात बार निफ्टी 50 इंडेक्स ने औसतन 2.4% और मीडियन 1.3% रिटर्न दिया है। सिर्फ वर्ष 2015, वर्ष 2021 और वर्ष 2022 के अप्रैल में निफ्टी लाल रहा जबकि वर्ष 2018 और वर्ष 2020 के अप्रैल में 5 फीसदी के करीब तेजी रही।
ब्रोडर मार्केट और सेक्टरवाइज क्या रहा है रुझान?
दस साल के सात अप्रैल में निफ्टी ग्रीन रहा लेकिन ब्रोडर मार्केट में तो माहौल और बढ़िया रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स दस साल में 8 बार यानी निफ्टी के बराबर ही अप्रैल में ग्रीन रहा लेकिन औसतन तेजी 4 फीसदी और मीडियन रिटर्न 4.3 फीसदी रहा। सेक्टरवाइज बात करें तो 10 में से 8 बार के अप्रैल महीने में मेटल्स ने औसतन 7 फीसदी, ऑटो ने 4.9 फीसदी, एनर्जी ने 4.6 फीसदी और सीपीएसई ने 3.6 फीसदी रिटर्न दिया है। बैंक्स और एफएमसीजी के निफ्टी इंडेक्स सात बार के अप्रैल में ग्रीन रहे और निफ्टी बैंक ने औसतन 3.4 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी 2 फीसदी रिटर्न दिया। सबसे बुरा परफॉरमेंस निफ्टी आईटी का रहा जिसने 10 में से 7 बार के अप्रैल में (-)1 फीसदी का औसतन रिटर्न दिया है।
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