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Nifty In Make Or Break Zone: क्रिटिकल जोन में अब निफ्टी, क्या निवेशकों को रहना चाहिए अलर्ट

Nifty In Make Or Break Zone:अनुज सिंघल ने कहा कि टेक्निकली निफ्टी ने lower low और lower high बनाया। निफ्टी में अब ऊपर 10 DEMA और नीचे 20 DEMA के बीच की लड़ाई है। अगर 23,100 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड निगेटिव हो जाएगा। अगर 23,350 के ऊपर बंद हुए तो ट्रेंड पॉजिटिव हो जाएगा। कल का प्राइस एक्शन बढ़िया था, लेकिन क्लोजिंग थोड़ी खराब थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 04, 2025 पर 9:06 AM
Nifty In Make Or Break Zone: क्रिटिकल जोन में अब निफ्टी,  क्या निवेशकों को रहना चाहिए अलर्ट
अनुज सिंघल ने कहा कि पहला और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 (पिछले 2 दिन का निचला स्तर, 20 DEMA) पर है।

Nifty In Make Or Break Zone:  सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि टेक्निकली निफ्टी ने lower low और lower high बनाया। निफ्टी में अब ऊपर 10 DEMA और नीचे 20 DEMA के बीच की लड़ाई है। अगर 23,100 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड निगेटिव हो जाएगा। अगर 23,350 के ऊपर बंद हुए तो ट्रेंड पॉजिटिव हो जाएगा। कल का प्राइस एक्शन बढ़िया था, लेकिन क्लोजिंग थोड़ी खराब थी। कल हम 1000 अंक की US की गिरावट को पचा कर गए थे। सारा मामला ये है कि मंदी सिर्फ US में होगी या दुनिया में?अगर सिर्फ US में मंदी आई तो इतना डर नहीं। लेकिन अगर ग्लोबल मंदी हुई तो सभी बाजार गिरेंगे। हां, ये जरूर है कि हमारे बाजार थोड़े कम गिरेंगे।

आज के संकेत

अनुज सिंघल ने कहा कि कल क्लोजिंग में हमने एक pair trade बताया था। Pair trade थी बैंक निफ्टी को खरीदें और साथ में निफ्टी की पुट भी खरीदें। उसका कारण था बैंक निफ्टी की मजबूती और IT की कमजोरी। मेरा नजरिया अब यही है कि यहां से बैंक चलेंगे, IT और गिरेगा।

उन्होंने आगे कहा कि आज फिर ग्लोबल संकेत हमारे खिलाफ हैं। सभी रिस्की एसेट्स खासकर ग्लोबल इक्विटीज नीचे हैं। आज हमारे पास 3 पॉजिटिव संकेत भी हैं। ब्रेंट क्रूड तेजी से गिरकर $70 के नीचे आया है। आज भी हमारे लिए क्रूड बहुत बड़ा मैक्रो फैक्टर है। दूसरा बड़ा संकेत है डॉलर में गिरावट, अब 102 के भी नीचे है। डॉलर अगर 100 के नीचे आया, हमारा बाजार भागेगा। तीसरा बड़ा संकेत है फाइनेंशियल सेक्टर के अपडेट्स। बजाज फाइनेंस के Q4 अपडेट काफी शानदार हैं। HDFC बैंक के Q4 अपडेट भी बुरे नहीं हैं। ऐसा लग रहा है कि पैसा अब फाइनेंशियल में जाएगा। फाइनेंशियल्स को रेट कट का भी सहारा मिलेगा।

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