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ओवरबॉट जोन में निफ्टी, गिरावट पर खरीदारी और उछाल पर बिकवाली होगी सबसे बेहतर रणनीति

एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में फॉलिंग ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट के बाद तेजी जारी है। इस साथ ही मार्केट सेंटिमेंट भी पॉजिटिव है। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान,निफ्टी को 21-वीक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा,जो 23,382 पर स्थित है। 23,400 से ऊपर जाने पर निफ्टी में 200 अंकों की और बढ़त आ सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 22, 2025 पर 2:16 PM
ओवरबॉट जोन में निफ्टी, गिरावट पर खरीदारी और उछाल पर बिकवाली होगी सबसे बेहतर रणनीति
निफ्टी में फॉलिंग ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट के बाद तेजी जारी है। इसके साथ ही मार्केट सेंटिमेंट भी पॉजिटिव है

21 मार्च के खत्म हुए हफ्ते में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। इस हफ्ते सेंसेक्स में 4.17 फीसदी, निफ्टी में 4.26 फीसदी और बैंक निफ्टी में 5.27 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी तेजी रही और इसने बेंचमार्क सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप इंडेक्स 7.74 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 8.64 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ है। इस हफ्ते निफ्टी के चढ़ने वाले शेयरों की बात करें तो SBI Life में 11.61 फीसदी, Shriram Finance में 9.24 फीसदी, HDFC Life में 9.19 फीसदी और Dr. Reddy's 8.32 फीसदी बढ़त लेकर बंद हुआ है। निफ्टी के गिरने वाले शेयर में Tech Mahindra 2.18 फीसदी और ITC 1.58 फीसदी टूटा है।

बाजार की आगे की संभावित चाल पर बात करते हुए कोटक सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च वाइस प्रेसीडेंट अमोल अठावले ने कहा कि पिछले सप्ताह बेंचमार्क इंडजेक्सों में शानदार तेजी देखने को मिली। इस दौरान निफ्टी में 4.25 फीसदी की तेजी आई, जबकि सेंसेक्स में 3070 अंकों की तेजी आई। सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो सभी अहम सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। इसमें भी कैपिटल मार्केट और डिफेंस स्टॉक्स में सबसे ज्यादा तेजी आई। सप्ताह के दौरान, बाजार ने 20 और 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज को पार कर लिया,जो काफी हद तक पॉजिटिव है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो साप्ताहिक चार्ट पर,एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनी है। इसके साथ डेली और इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी हायर बॉटम फॉर्मेशन को बनाए हुए है। इससे संकेत मिलता है कि निफ्टी में वर्तमान स्तरों से आगे और तेजी आ सकती। अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट टर्म के नजरिए बाजार की बनावट तेजी वाली है। हालांकि,अस्थायी ओवरबॉट स्थितियों के कारण हमे ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ट्रेडरों के लिए,गिरावट पर खरीदारी और तेजी पर बिकवाली सबसे बेहतर रणनीति होगी।

निकट भविष्य में, 23,100/75800 और 50-डे एसएमए या 23,000/75400 अहम सपोर्ट के रूप में काम करता दिख सकता है। जबकि 23,500-23,700/77400-78000 बुल्स के लिए अहम रेजिस्टेंस साबित हो सकता है। हालांकि,अगर बाजार 23,000/75400 से नीचे गिरता है तो सेंटीमेंट बिगड़ सकता है और ट्रेडर अपनी लॉन्ग पोजीशन समेट सकते हैं।

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