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स्टॉक मार्केट में बन रही तीन तरह की स्थितियां, जानिए तेजी में निफ्टी का लेवल क्या हो सकता है

अगले साल यानी 2025 में निफ्टी के लिए तीन तरह की स्थितियां बनती दिख रही हैं। बुल्स का मानना है कि अगर स्थितियां अनुकूल रहती हैं तो इंडियन इकोनॉमी पर ग्लोबल इकोनॉमी की मुश्किलों का असर नहीं पड़ेगा। इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ 7 फीसदी से ज्यादा रह सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 27, 2024 पर 6:03 PM
स्टॉक मार्केट में बन रही तीन तरह की स्थितियां, जानिए तेजी में निफ्टी का लेवल क्या हो सकता है
FY25 की दूसरी छमाही में इंडिया इंक का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। अर्निंग्स ग्रोथ में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है। लेकिन, शहरों में कंजम्प्शन में सुस्ती के संकेत हैं। इनकम ग्रोथ में भी सुस्ती है।

सितंबर तिमाही में कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ, जियोपॉलिटिकल टेंशन और इंडियन मार्केट्स की ज्यादा वैल्यूएशन की वजह से अक्टूबर में निफ्टी की तेजी पर ब्रेक लगा। महाराष्ट्र चुनावों के नतीजे आने तक मार्केट में गिरावट जारी रही। इसके कई ब्रोकरेज फर्मों ने निफ्टी 50 के अगले साल के टारगेट पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया है। कई ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के अपने अनुमान में कमी की है। इनक्रेड इक्विटीज ने निफ्टी के लिए टारगेट घटाकर 25,327 प्वाइंट कर दिया है। इसका मतलब है कि करेंट लेवल से निफ्टी में सिर्फ 4 सिर्फ तेजी आएगी।

बुल मार्केट में निफ्टी यहां से 17% चढ़ सकता है

अगले साल यानी 2025 में Nifty के लिए तीन तरह की स्थितियां बनती दिख रही हैं। Bulls का मानना है कि अगर स्थितियां अनुकूल रहती हैं तो इंडियन इकोनॉमी पर ग्लोबल इकोनॉमी की मुश्किलों का असर नहीं पड़ेगा। इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ 7 फीसदी से ज्यादा रह सकती है। मानसून की सामान्य बारिश और ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से इंडियन इकोनॉमी को सपोर्ट मिलेगा। मार्केट में तेजी आने पर निफ्टी में करेंट लेवल से 17.5 फीसदी तेजी दिख सकती है।

निफ्टी 25977 प्वाइंट तक पहुंच सकता है

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