सितंबर तिमाही में कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ, जियोपॉलिटिकल टेंशन और इंडियन मार्केट्स की ज्यादा वैल्यूएशन की वजह से अक्टूबर में निफ्टी की तेजी पर ब्रेक लगा। महाराष्ट्र चुनावों के नतीजे आने तक मार्केट में गिरावट जारी रही। इसके कई ब्रोकरेज फर्मों ने निफ्टी 50 के अगले साल के टारगेट पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया है। कई ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के अपने अनुमान में कमी की है। इनक्रेड इक्विटीज ने निफ्टी के लिए टारगेट घटाकर 25,327 प्वाइंट कर दिया है। इसका मतलब है कि करेंट लेवल से निफ्टी में सिर्फ 4 सिर्फ तेजी आएगी।
