Nifty Outlook: 1 जून को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से लेवल और फैक्टर रहेंगे अहम? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: निफ्टी लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद अहम मोड़ पर खड़ा है। 1 जून के कारोबार में बाजार की दिशा RBI पॉलिसी, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों से तय हो सकती है। जानिए एक्सपर्ट्स किन सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।

अपडेटेड May 31, 2026 पर 2:54 PM
Story continues below Advertisement
LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी 50-डे EMA के आसपास रुकावट झेलता रहा।

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार, 29 मई को बिकवाली का दबाव लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा। निफ्टी 50 इंडेक्स 359 अंक यानी 1.5% की गिरावट के साथ 23,547 पर बंद हुआ। बाजार में लगभग सभी सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।

रिकवरी की कोशिश नाकाम रही

बाजार की शुरुआत सपाट रही थी। शुरुआती कारोबार में निफ्टी ने संभलने की कोशिश भी की, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई।


दिन बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया। निफ्टी अपने दिन के उच्चतम स्तर से 500 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया। इससे साफ दिखा कि बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।

आखिरी 30 मिनट में आया बड़ा झटका

दिलचस्प बात यह रही कि निफ्टी की कुल गिरावट में से करीब 300 अंक केवल आखिरी 30 मिनट के कारोबार में आए।

एनालिस्टों का मानना है कि इससे बाजार में अचानक बिगड़े सेंटीमेंट का पता चलता है। हाल में निफ्टी ने ऊपर निकलने की जो कोशिश की थी, वह सफल नहीं हो सकी और निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी।

सेंसेक्स, बैंकिंग और मिडकैप शेयर भी दबाव में

केवल निफ्टी ही नहीं, व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 2% तक की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट गया। वहीं मुनाफावसूली का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.33% और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.85% गिरकर बंद हुए।

आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा

बाजार में कमजोरी के बीच आईटी सेक्टर ने कुछ राहत दी। टेक महिंद्रा, HCLTech और विप्रो निफ्टी के टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर पावर ग्रिड, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और ONGC के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो केवल निफ्टी आईटी इंडेक्स ही बढ़त के साथ बंद हुआ। ऑयल एंड गैस, मेटल और ऑटो सेक्टर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बनाने वाले सेक्टर रहे।

रुपये ने दिखाई मजबूती

शेयर बाजार की गिरावट के बीच भारतीय रुपये ने अच्छा प्रदर्शन किया। रुपया 69 पैसे मजबूत होकर 8 मई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुआ।

यह 2 अप्रैल के बाद रुपये की सबसे बड़ी एकदिवसीय मजबूती रही। कच्चे तेल की नरम कीमतों, RBI के संभावित हस्तक्षेप और अमेरिका-ईरान युद्धविराम बढ़ने की उम्मीदों ने रुपये को सहारा दिया।

अगले हफ्ते इन घटनाओं पर रहेगी नजर

बाजार की नजर अब अगले सप्ताह RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो वैश्विक बाजारों में फिर से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

निफ्टी के लिए कौन-से लेवलअहम?

HDFC सिक्योरिटीज के नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी को 23,981 के स्तर पर 50-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के पास मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है।

उनका कहना है कि प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे फिसलने के बाद बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर हो गया है। पहले जो 23,800 का स्तर सपोर्ट था, अब वही रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

नंदीश शाह के मुताबिक, शुक्रवार का निचला स्तर 23,484 फिलहाल तत्काल सपोर्ट है। अगर निफ्टी इसके नीचे निकलता है तो अगला महत्वपूर्ण स्तर 23,260 के आसपास हो सकता है।

क्या और बढ़ सकती है गिरावट?

LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी 50-डे EMA के आसपास रुकावट झेलता रहा। शुक्रवार को इसमें तेज गिरावट देखने को मिली।

उन्होंने बताया कि इंडेक्स डेली चार्ट पर बनी एक महत्वपूर्ण अपट्रेंड लाइन के नीचे भी फिसल गया है। इससे बाजार में मंदी का रुख फिर मजबूत होता दिख रहा है। उनके मुताबिक निकट अवधि में गिरावट जारी रह सकती है और निफ्टी 23,250 या उससे नीचे के स्तर तक जा सकता है।

वहीं ऊपर की तरफ 23,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। जब तक निफ्टी इसके ऊपर नहीं निकलता, तब तक बाजार पर दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए क्या संकेत हैं?

बैंक निफ्टी दिनभर 55,184 और 54,761 के बीच सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। हालांकि कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में इसमें भी तेज बिकवाली देखने को मिली।

इंडेक्स 1.12% की गिरावट के साथ 54,239 पर बंद हुआ। SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 53,800 से 53,700 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट है।

अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे फिसलता है तो गिरावट बढ़कर 53,300 और फिर 52,900 तक पहुंच सकती है। वहीं ऊपर की ओर 54,600 से 54,700 का स्तर निकट अवधि में बड़ी रुकावट बना रह सकता है।

Chemical Stocks: 44% रिटर्न पाने का मौका! इस केमिकल कंपनी ने Iran-US War के बावजूद दिखाया Q4 में दम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।