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Nifty Trend : 22600 से नीचे गिरा निफ्टी, सेंसेक्स में 190 अंकों की कमजोरी, जानिए आज क्या हो ट्रेडिंग की रणनीति

Nifty Trend : चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, हितेश टेलर का कहना है कि हमारे बाजारों के लिए ग्लोबल संकेत मिले-जुले हैं। वॉल स्ट्रीट में सुस्त कारोबार के बाद एशियाई बाजार सावधानी से कारोबार कर रहे हैं। इस समय तेल की ऊंची कीमतें और US ट्रेजरी यील्ड पर नज़र रखने की जरूरत है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 08, 2026 पर 9:51 AM
Nifty Trend : 22600 से नीचे गिरा निफ्टी, सेंसेक्स में 190 अंकों की कमजोरी, जानिए आज क्या हो ट्रेडिंग की रणनीति
Nifty Trend : बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 55213-55366 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 55562-55688/55818 पर है। इसके लिए पहला बेस 54509-54641 पर और बड़ा बेस 54210-54320 पर है

Nifty Trend : ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच 8 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 22600 के नीचे आ गया है। सेंसेक्स 177.83 अंक यानी 0.24 प्रतिशत गिरकर 72,460.87 पर और निफ्टी 62.25 अंक यानी 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,540.80 पर दिख रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, बीएसई लिमिटेड और ट्रेंट शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं।

जानिए कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि RBI के ब्याज दरें बढ़ाने के तरीके का बाजार पर असर पड़ेगा। इस दौर में ब्याज दरों में 25-25 बेसिस पॉइंट की दो और बढ़ोतरी की संभावना है। इससे फिक्स्ड इनकम से मिलने वाले ज्यादा रिटर्न के कारण वैल्यूएशन पर दबाव पड़ेगा। निवेशकों की रुचि भी थोड़ी बहुत फार्मास्यूटिकल्स जैसे उन सेक्टर की ओर बढ़ सकती है जिन पर ब्याज दरों का ज्यादा असर नहीं पड़ता।

हाल के महीनों में बाज़ार में एक साफ और मज़बूत ट्रेंड देखा गया है। वैल्यू स्टॉक्स के मुकाबले ग्रोथ स्टॉक्स को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। ग्रोथ स्टॉक्स को ऊंचे वैल्यूएशन पर खरीदा जा रहा है,जबकि वैल्यू स्टॉक्स सही वैल्यूएशन पर भी सुस्त पड़े हैं। FIIs की ओर से लार्ज-कैप शेयरों में लगातार बिकवाली ने इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है। US 10-साल के बॉन्ड यील्ड के 5.3% से ऊपर बने रहने के कारण FIIs हर तेज़ी के दौरान बिकवाली करते रहेंगे। इससे निफ्टी लार्ज-कैप शेयरों पर कुछ और समय तक दबाव बना रहेगा।

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