Novus Loyalty IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, फ्लैट एंट्री के बाद ₹146 का शेयर धड़ाम

Novus Loyalty IPO Listing: नोवुस लॉयल्टी फिनटेक, ई-कॉमक्, सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, एफएमसीजी, रियल एस्टेट समेत कई इंडस्ट्रीज को लॉयल्टी और रिवॉर्ड सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। नई एंट्री से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है

अपडेटेड Mar 25, 2026 पर 4:17 PM
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Novus Loyalty IPO Listing: नोवुस लॉयल्टी का ₹60 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-20 मार्च तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Novus Loyalty IPO Listing: लॉयल्टी और रिवॉर्ड सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली नोवुस लॉयल्टी के शेयरों की आज BSE SME पर एकदम फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 1.55 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹146 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹146.00 पर ही एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹138.70 (Novus Loyalty Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया। निचले स्तर पर रिकवरी तो हुई लेकिन यह ₹146 तक ही पहुंच पाया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक न तो फायदे में हैं और न घाटे में।

Novus Loyalty IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

नोवुस लॉयल्टी का ₹60 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-20 मार्च तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 1.55 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.38 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹48 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 8.20 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹13.00 करोड़ अपग्रेडेशन और नए प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट, ₹9.62 करोड़ बिजनेस डेवलपमेंट, मैनपावर हायरिंग और मार्केटिंग और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।


Novus Loyalty के बारे में

वर्ष 2011 में बनी नोवुस लॉयल्टी फिनटेक, ई-कॉमक्, सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, एफएमसीजी, रियल एस्टेट समेत कई इंडस्ट्रीज को लॉयल्टी और रिवॉर्ड सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। यह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी वाली लॉयल्टी प्लेटफॉर्म ऑफर करती है। यह दो तरीके से काम करती है- एक तो इसका रेडी-टू-यूज प्रोग्राम मॉडल है और दूसरा क्लाइंट्स की जरूरतों के मुताबिक या कस्टमाइजेबल मॉडल है। इस प्लेटफॉर्म आसानी से मौजूदा सिस्टम से जुड़ जाता है और वेब, मोबाइल ऐप्स और फिजिकल स्टोर पर काम करता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹55 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.96 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹3.58 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 32% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹104.63 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹5.80 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹71.43 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹6.64 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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