Oil and Gas Stocks: बाजार जानकारों का कहना है कि भारतीय तेल रिफाइनर और गैस कंपनियां वित्त वर्ष 2024 में मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। इमको कच्चे तेल और एलएनजा की कीमतों में 2022 के हाई से आई तेज गिरावट से फायदा मिलेगा। सरकारी तेल रिफाइनिंग कंपनियों को हायर मार्केटिं मार्जिन का फायदा मिल सकता है, जबकि गैस कंपनियों को एलएनजी की कीमतों में भारी गिरावट से फायदा हो सकता है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में रियायती दरों पर पेट्रोल और डीजल बेचा। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ साल के अंतिम हिस्से में इनके खुदरा मार्जिन में सुधार हुआ। बता दें कि इन कंपनियों को तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के रूप में जाना जाता है।
आनंद राठी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2023 में अब तक डीजल और पेट्रोल की ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन औसतन 11 .50 रुपये प्रति लीटर रही है। जबकि वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में यह औसत 9.06 रुपये प्रति लीटर थी। इन दोनों के रिटेल बिक्री कीमत में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल की मांग मजबूत रही है।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं तो अपनी बेहतर वित्तीय स्थिति के कारण ऑयल रिफाइनरी कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती पर विचार कर सकती हैं। आगे इन कंपनियों का आउटलुक बेहतर नजर आ रहा है। बतातें चलें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इस समय 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास नजर आ रही हैं। जो मार्च 2022 के 140 डॉलर के प्रति बैरल से लगभग आधे पर हैं।
ICICI Securities ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर बुलिश
मांग में सुस्ती, ग्लोबल महंगाई और विकसित देशो में मंदी के डर में कच्चे तेल के भाव पर दबाव बनाया है। बाजार जानकारों का कहना है कि भारत की 2 तेल उत्पादक कंपनियां ONGC और ऑयल इंडिया लिमिटेड अपने तेल और उत्पादन के बढ़त के दम पर वित्त वर्ष 2024 में अच्छा प्रदर्शन करती नजर आएंगी।
ICICI Securities ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि वो भारत की निजी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को लेकर बुलिश है। इनके GRM (ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन) और मार्केटिंग मार्जिन में मजबूती देखने को मिल रही है। इसके अलावा अप स्क्रीन (कच्चा तेल और गैस की उत्पादन करने वाली कंपनियों) को भी आगे कच्चे तेल के भाव में बढ़त स फायदा मिल सकता है।
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि वित्त वर्ष 2024-25 में कच्चे तेल का भाव कम से कम 75 डॉलर प्रति बैरल पर तो रहेगा ही। इसके अलावा घरेलू गैस और LNG की कीमतों में गिरावट से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से फायादा होने की उम्मीद है। इन कंपनियों में Indraprastha Gas, Mahanagar Gas और Gujarat Gas कंपनियों के नाम शामिल है। गौरतलब ह कि वित्त वर्ष 2023 मे गैस की कीमतों में बढ़त के कारण इ कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दखने को मिला था।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।