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Ola Electric Share Price: एक इस्तीफे से फिर बना दबाव, 10 दिनों में 25% टूटा शेयर

Ola Electric Share Price: दोपहिया इलेक्ट्रिक वेईकल बनाने वाली दिग्गज कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में आज लगातार दसवें कारोबारी दिन बिकवाली का भारी दबाव दिखा। आज की बात करें तो यह टूटकर करीब एक महीने के निचले स्तर पर आ गया। जानिए भाविश अग्रवाल की ईवी कंपनी के शेयरों की इस बिकवाली की वजह क्या है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 20, 2026 पर 4:13 PM
Ola Electric Share Price: एक इस्तीफे से फिर बना दबाव, 10 दिनों में 25% टूटा शेयर
Ola Electric के सीएफओ हरीश अभिचंदानी (Harish Abichandani) ने व्यक्तिगत वजहों से अपने पद से इस्तीफा दिया है जिसके चलते शेयर आज टूटकर करीब एक महीने के निचले स्तर पर आ गए।

Ola Electric Share Price: घरेलू स्टॉक मार्केट की बिकवाली के माहौल में आज ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की गिरावट इतनी तेज रही कि निवेशक सहम उठे। बिकवाली की आंधी में यह 8% से अधिक टूट गया और इस गिरावट के साथ टूटकर यह करीब एक महीने के निचले स्तर पर आ गया। यह गिरावट कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के इस्तीफे के चलते आई है। आज की गिरावट के साथ कंपनी के शेयर लगातार दस कारोबारी दिनों में 26% से अधिक कमजोर हुए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर अधिक संभल नहीं पाए और आज बीएसई पर यह 8.92% की गिरावट के साथ ₹32.59 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 9.84% फिसलकर ₹32.26 तक आ गया था।

अब कौन हैं Ola Electric के नए सीएफओ?

ओला इलेक्ट्रिक के सीएफओ हरीश अभिचंदानी (Harish Abichandani) ने व्यक्तिगत वजहों से अपने पद से इस्तीफा दिया है। दीपक रस्तोगी अभी हाल ही में प्रॉपर्टी डेवलपर पूर्वांकर के ग्रुप फाइनेंस चीफ थे। हरीश नवंबर 2023 से ही ओला इलेक्ट्रिक के सीएफओ थे, और उनके समय में ही कंपनी की स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई थी। हालांकि फिलहाल कंपनी गिरती सेल्स से परेशान है और इस वजह से पिछले साल नवंबर 2025 में कंपनी ने इस वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू के अनुमान में कटौती कर दी थी। ओला इलेक्ट्रिक की कभी देश के ई-स्कूटर मार्केट में 50% हिस्सेदारी थी लेकिन अब इसे बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और टीवीएस मोटर (TVS Motor) से काफी टक्कर मिल रही है जिन्होंने अपना डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाया है और समान कीमत में मॉडल्स पेश किए हैं।

अब ओला इलेक्ट्रिक के नए सीएफओ की बात करें तो 20 जनवरी से हरीश की जगह दीपक रस्तोगी सीएफओ हैं। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा किया कि दीपक को P&L (प्रॉफिट एंड लॉस) लीडरशिप, कैपिटल मार्केट्स, फंड जुटाने, विलय और अधिग्रहण, आईपीओ, रणनीति, बदलाव और गवर्नेंस को लेकर काफी महारत हासिल है। कंपनी के खुलासे के मुताबिक दीपक अब तक करीब $100 करोड़ के इक्विटी ट्रांजैक्शंस पर काम कर चुके हैं और उन्होंने कई देशों के M&A (मर्जर एंड एक्विजिशंस) सौदे पर काम किया है। कंपनी का दावा है कि दीपक ने मार्जिन बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन को लेकर एक्सपर्ट हैं।

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