Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने आज तगड़ा धमाल मचाया। लगातार छह कारोबारी दिनों में 16% से अधिक की गिरावट के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसने बढ़त हासिल की। एक कारोबारी दिन पहले तो इसमें मामूली बढ़त आई लेकिन आज तो यह रॉकेट बन गया और करीब 14% उछल पड़ा और यह ₹34 के पार पहुंच गया।
इसके शेयरों में यह तेजी राइट्स इश्य़ू की खरीदारी-बिक्री का विंडो बंद होने के बाद आई है मतलब कि अगर आपके पास पहले से शेयर नहीं थे तो इसकी RE (राइट्स एनटाइटलमेंट) खरीदकर भी राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने का मौका था लेकिन यह RE खरीदने का मौका भी 26 अक्टूबर तक था।
अब आरई की खरीद-बिक्री बंद हुई तो यह विंडो बंद होने पर स्टॉक मार्केट में इसके शेयरों की मांग मजबूत हुई और शेयर रॉकेट बन गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह मजबूत बना रहा। फिलहाल बीएसई पर यह 12.46% की बढ़त के साथ ₹33.66 पर है। इंट्रा-डे में यह 13.83% उछलकर ₹34.07 तक पहुंच गया था।
Ola Electric Rights Issue: डिटेल्स
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बोर्ड ने 11 अक्टूबर 2026 को ₹1,000 करोड़ तक के राइट्स इश्यू को मंजूरी दी थी।
यह इश्यू 22 अक्टूबर को खुला और 30 अक्टूबर को बंद होगा लेकिन RE का लेन-देन 26 अक्टूबर को बंद हो गया।
इसके लिए प्रति शेयर ₹27 का भाव तय किया गया था, जिसमें ₹10 की फेस वैल्यू और ₹17 प्रीमियम शामिल है। हालांकि यह पैसा एक ही बार में नहीं देना था और आवेदन करते समय यानी पहली किश्त में हर शेयर के लिए ₹16.20 देने पड़े और अब 31 अक्टूबर, 2027 तक बाकी ₹10.80 देने हैं।
इस इश्यू के तहत कंपनी करीब ₹999.74 करोड़ के 37.02 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयर जारी कर रही है।
इस इश्यू के लिए शेयरहोल्डर्स को हर 25 शेयरों पर 2 शेयरों का RE यानी राइट एनटाइटलमेंट मिला था यानी हर 1000 शेयरों पर 80 राइट्स शेयर मिले।
राइट्स इश्यू का किसने किया लेन-देन
ओला इलेक्ट्रिक की फाइलिंग के मुताबिक प्रमोटर ग्रुप की एएनआई टेक्नोलॉजीज ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज को 1,28,33,054 राइट्स एंटाइटलमेंट और इंडस ट्रस्ट (Indus Trust) ने अपने ट्रस्टी अंकुश अग्रवाल के जरिए कैलिओप कैपिटल एडवाइजर्स (Calliope Capital Advisors) को 1,10,22,422 एंटाइटलमेंट ट्रांसफर किए। दोनों ने कुल मिलाकर 2,38,55,476 एंटाइटलमेंट के लिए आवेदन किया था।
सॉफ्टबैंक की SVF II ऑस्ट्रिच (DE) ने लगातार तीसरे कारोबारी दिन 26 अक्टूबर को भी ओला इलेक्ट्रिक के RE (राइट्स एंटाइटलमेंट) बेचे। दो कारोबारी दिनों में लगभग 28% हिस्सेदारी बेचने के बाद, सोमवार को इसने अपने अनुमानित एंटाइटेलमेंट का लगभग 55% हिस्सा और बेच दिया। बल्क डील डेटा के अनुसार SVF ने 2.37 करोड़ राइट्स एंटाइटेलमेंट बेचे, जो इसके अनुमानित एंटाइटेलमेंट का 54.7% है। यह बिक्री ₹3.13 करोड़ में ₹1.32 के भाव पर हुई। राइट्स इश्यू के रेश्यो के तहत एलिजिबल शेयरहोल्डर्स को हर 25 फुल्ली पेड-अप इक्विटी शेयरों के बदले 2 शेयर मिले तो सितंबर के आखिरी में SVF के पास मौजूद 54.14 करोड़ शेयरों के आधार पर उसे लगभग 4.33 करोड़ राइट्स शेयर मिले होंगे। अब तीन दिनों की बिक्री के साथ इसने अपने अनुमानित RE का 82.7% हिस्सा बेच दिया है।
इसके अलावा OEM एम्प्लॉयीज वेलफेयर ट्रस्ट ने भी 75.25 लाख राइट्स एंटाइटेलमेंट को ₹1.31 के भाव पर ₹98.58 लाख में तो वैनगार्ड ESG इंटरनेशनल स्टॉक ETF ने भी इसी कीमत पर ₹57.05 लाख RE लगभग ₹74.7 लाख में बेच दिए। वहीं दूसरी तरफ मुकुल अग्रवाल की परम कैपिटल ने ₹2.84 करोड़ में 2.17 करोड़ RE तो क्रोन फिनस्टॉक ने इसी कीमत पर 20 लाख एंटाइटेलमेंट ₹26.2 लाख में खरीदे।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। कुछ साल पहले इसके शेयर ₹150 के पार पहुंचे थे, लेकिन अब यह ₹50 का भी लेवल नहीं छू पा रहा है। एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 28 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹51.84 पर था, जिससे 5 ही महीने में यह 20.83% टूटकर 2 मार्च 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹20.93 पर आ गया था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।