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Omfurn India FPO Listing: 'एक्स्ट्रा' शेयरों ने किया निराश, एफपीओ निवेशकों को महज 2% का मुनाफा

Omfurn India FPO Listing: ओमफर्न इंडिया प्री-फिनिश्ड वुडेन डोर और मॉड्यूल फर्नीचर बनाकर सप्लाई करती है। NSE SME पर 2017 में इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई थी। अब इसने FPO लाया था जो खुदरा निवेशकों के दम पर 3 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। अब आज इसके फॉलोऑन शेयरों की लिस्टिंग हुई है। चेक करें इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कैसे होगा?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 28, 2024 पर 5:04 PM
Omfurn India FPO Listing: 'एक्स्ट्रा' शेयरों ने किया निराश, एफपीओ निवेशकों को महज 2% का मुनाफा
Omfurn India प्री-फिनिश्ड वुडेन डोर और मॉड्यूल फर्नीचर बनाकर सप्लाई करती है। इसकी मैनुफैक्चरिंग फैक्ट्री गुजरात के वलसाड जिले के उम्बरगांव में है।

Omfurn India FPO Listing: ओमफर्न इंडिया (Omfurn India) के अतिरिक्त शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके शेयरों की NSE SME पर 2017 में लिस्टिंग हुई थी और अब कंपनी ने फॉलोऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लाया था। खुदरा निवेशकों के दम पर इस इश्यू को 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। एफपीओ के तहत 75 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज कारोबार खुलने पर इसके शेयर 76.60 रुपये के लोअर सर्किट पर आ गए और इसी पर आज यह बंद भी हुआ है यानी एफपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों को महज 2.13 फीसदी मुनाफा हुआ है।

पिछले एक साल में इसके चाल की बात करे तो यह शेयर निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। पिछले साल 27 जुलाई 2023 को यह 31.04 रुपये के भाव पर थे। इसके बाद 7 महीने में यह 218 फीसदी उछलकर 8 फरवरी 2024 को एक साल के हाई 98.70 रुपये पर पहुंच गया।

Omfurn India FPO को मिला था अच्छा रिस्पांस

ओमफर्न इंडिया का ₹27 करोड़ का एफपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-22 मार्च तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर इस एफपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.00 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 3.02 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 6.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 36 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी मौजूदा प्रेमिसेज में जरूरी सिविल, इलेक्ट्रिक और फैब्रिकेशन वर्क के साथ प्लांट और मशीनरी के इंस्टॉलेशन की फंडिंग; कर्ज चुकाने; वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने; और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

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