RBI ने दिसंबर MPC के मिनट्स जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि ग्लोबल आउटलुक में अचानक से चिंता बढ़ी है। ओमिक्रोन से ग्लोबल रिकवरी में रिस्क बढ़ा है। महंगाई केआउटलुक में भी जोखिम बढ़ा है। ओमिक्रॉन से भी ग्लोबल रिकवरी धीमी हुई है। ग्लोबल संकेतों से भारतीय इकोनॉमी पर असर पड़ा है। इसकी वजह से मॉनिटरी पॉलिसी के लिए चुनौतियां बढ़ीं हैं।
