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ओमिक्रोन की वजह से रिकवरी हुई धीमी, वित्त वर्ष 2023 में हेल्दी ग्रोथ की उम्मीद: RBI दिसंबर MPC मिनट्स

दुनिया भर में ओमीक्रोन (Omicron) का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में RBI ने भी 8 दिसंबर 2021 की अपनी मीट में पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 22, 2021 पर 7:46 PM
ओमिक्रोन की वजह से रिकवरी हुई धीमी, वित्त वर्ष 2023 में हेल्दी ग्रोथ की उम्मीद: RBI दिसंबर MPC मिनट्स
दिसंबर MPC के मिनट्स में आगे कहा गया है कि सप्लाई चेन की दिक्कत 2022 तक बनी रह सकती है। भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर चिंताएं बरकरार हैं।

RBI ने दिसंबर MPC के मिनट्स जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि ग्लोबल आउटलुक में अचानक से चिंता बढ़ी है। ओमिक्रोन से ग्लोबल रिकवरी में रिस्क बढ़ा है। महंगाई केआउटलुक में भी जोखिम बढ़ा है। ओमिक्रॉन से भी ग्लोबल रिकवरी धीमी हुई है। ग्लोबल संकेतों से भारतीय इकोनॉमी पर असर पड़ा है। इसकी वजह से मॉनिटरी पॉलिसी के लिए चुनौतियां बढ़ीं हैं।

दिसंबर MPC के मिनट्स में आगे कहा गया है कि सप्लाई चेन की दिक्कत 2022 तक बनी रह सकती है। भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर चिंताएं बरकरार हैं। देश में Pvt कंज्मपशन कोरोना काल के भी निचले स्तर पर है। ड्युरेबल रिकवरी आने में अभी और वक्त लगेगा। Pvt सेक्टर में कैपेक्स अभी भी धीमा है। ग्लोबल फाइनेंशियल कंडीशन में अनिश्चितता देखने को मिल रही है। ग्लोबल संकेत रिकवरी के लिए अच्छे नहीं नजर आ रहे हैं। इससे भारत की इकोनॉमी ट्रेजेक्ट्री पर असर पड़ा है।

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भारत में अब तक जो रिकवरी आई है उसमें Pvt सेक्टर का योगदान नहीं है। वित्त वर्ष 2022 में भी रिकवरी की प्रक्रिया चलती रहेगी। वित्त वर्ष 2023 में हेल्दी ग्रोथ की उम्मीद है।

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