मॉर्गन स्टेनली की राय भारत के अपस्ट्रीम एनर्जी सेक्टर को लेकर बदली है। इसकी कई वजहें हैं। इस सेक्टर में सालाना करीब 10 अरब डॉलर का निवेश हो रहा है। हाल में देश में नेचुरल गैस का भंडार मिला है। अपस्ट्रीम कंपनियों पर रॉयल्टी का बोझ घटा है। फ्यूल प्राइसिंग को लेकर सरकार की पॉलिसी सपोर्टिव है।
