Oyo 8,430 करोड़ रु. के IPO के लिए फाइल करेगी संशोधित ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस, मार्केट में भारी बिकवाली के बीच कंपनी की तैयारी

कंपनी को इस संबंध में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ-साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से पहले ही सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है

अपडेटेड Jan 25, 2022 पर 3:28 PM
ओयो ने बीते साल सितंबर में ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था

Softbank backed Oyo : सॉफ्टबैंक के निवेश वाली ओयो ने 8,430 करोड़ रुपये के आईपीओ की ओर कदम बढ़ाते हुए मार्केट रेगुलेटर सेबी (markets regulator SEBI) के पास संशोधित ड्राफ्ट डॉक्युमेंट फाइल करने की तैयारी कर ली है। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी को इस संबंध में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के साथ-साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) से पहले ही सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

लिस्टिंग की सफलता पर उठ रहे सवाल

ओयो संशोधित डॉक्यूमेंट ऐसे समय में फाइल करने जा रही है, जब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह मौजूदा माहौल में लिस्टिंग की योजना में सफल हो सकेगी। भारत और अमेरिका में घाटे वाली इंटरनेट कंपनियों के स्टॉक्स में बिकवाली का भारी दबाव होने से इनवेस्टर्स खासे सतर्क हैं।


नए लिस्टेड शेयरों में भारी बिकवाली

बीते साल ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग के बाद जोमैटो के शेयर अपने निचले स्तर पर पहुंच गए, वहीं पेटीएम, न्याका और पीबी फिनटेक पर भारी दबाव बना हुआ है। ग्लोबल और डॉमेस्टिक बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी के चलते जोमैटो, पेटीएम और पॉलिसीबाजार जैसी इंटरनेट कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हुई, जिससे फंडामेंटल्स की तुलना में उनका वैल्युएशन ज्यादा बढ़ गया था।

Manyavar IPO: मान्यवर की प्रमोटर Vedant का इश्यू 4 फरवरी को खुलकर 8 फरवरी को बंद होगा

ओयो के खिलाफ सेबी को मिली हैं शिकायतें

ओयो ने बीते साल सितंबर में ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था और वह इस समय रेग्युलेटर्स द्वारा पूछे गए सवालों और क्लैरिफिकेशंस पर प्रतिक्रिया दे रही है। बीते साल, मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि जो रूम्स के अलावा होटल एसोसिएशन एफएचआरएआई ने सेबी में ओयो के खिलाफ शिकायत दी थी और मार्केट रेगुलेटर्स से कंपनी के आईपीओ को मंजूरी नहीं देने के लिए कहा था।

HDFC Securities ने इस मल्टीबैगर स्पेशियलिटी केमिकल स्टॉक में की खरीद की सिफारिश, जानिए क्या है टार्गेट प्राइस

जो रूम्स आईसीडीआर रेगुलेशंस के उल्लंघन करने का मामला उठाते हुए आरोप लगाया था कि कंपनी ने अपने डीआरएचपी में मुकदमेबाजी को लेकर गलत तथ्य पेश किए हैं।

अंतिम दौर में हैं आपत्तियां

फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) ने ओयो पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं होने का दावा करके “गलत बयानी” की है। सूत्रों के मुताबिक, सेबी की आपत्तियां अंतिम दौर में हैं और अंतिम चरण की आपत्तियां लगभग 10 दिन में आने की उम्मीद है। इसलिए, कंपनी के अंतिम आपत्तियों के क्रम में नया ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल किए जाने का अनुमान है।

कंपनी वैल्युएशन में कर सकती है बदलाव

मौजूदा माहौल को देखते हुए, ऐसी संभावना है कि कंपनी अपनी संशोधित वैल्युएशन 9 अरब डॉलर कर सकती है, क्योंकि बाजार द्वारा नई इकोनॉमी कंज्यूमर टेक कंपनियों के संवेदनशील स्तरों का पुनः मूल्यांकन कर रहे हैं। मनीकंट्रोल ने पूर्व में खबर दी थी कि कंपनी 12-14 अरब डॉलर वैल्युएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।