Share Market Rally: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले को टालने का ऐलान किया तो मार्केट में रौनक छा गई। कच्चे तेल की नरमी से इसे और सपोर्ट मिला। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 800 प्वाइंट्स से ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24500 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% की बढ़त है। मार्केट पर आज ट्रेडिंग की टाइमिंग 10 मिनट बढ़ाने का भी असर दिख रहा है। आज से सेबी के नए ट्रेडिंग फ्रेमवर्क के तहत F&O ट्रेडिंग का समय 10 मिनट बढ़कर 03:40 PM तक हो गया और स्टॉक्स के मामले में बात करें तो जिन स्टॉक्स की एफएंडओ होती है, सिर्फ उनका लेन-देन 03:40 तक हो सकेगा। सुबह वाली टाइमिंग पहले की ही तरह रहेगी।
इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:54 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 629.57 प्वाइंट्स यानी 0.81% के उछाल के साथ 78,724.21 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 206.60 प्वाइंट्स यानी 0.85% की बढ़त के साथ 24,590.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800.46 प्वाइंट्स उछलकर 78,895.10 और निफ्टी 212.20 प्वाइंट्स चढ़कर 24,595.80 तक पहुंच गया था।
Share Market Rally: ये है वजह
विदेशी निवेशकों की खरीदारी: पिछले महीने जुलाई में विदेशी निवेशकों ने बिकवाली से अधिक खरीदारी की और वे नेट बायर्स बने। उन्होंने ₹20,199 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इसमें से ₹6,731 करोड़ की खरीदारी को एक्सचेंजों के जरिए हुई तो ₹13,467 करोड़ की खरीदारी प्राइमरी मार्केट और अन्य कैटेगरी से हुई। विदेशी निवेशकों ने डेट मार्केट के जरिए भी ताबड़तोड़ निवेश किया और अकेले जनरल लिमिट कैटेगरी के जरिए ही ₹29,211 करोड़ डेट मार्केट में डाले।
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव और चिप ट्रेड में कंसंट्रेशन रिस्क की वजह से विदेशी निवेशक भारत जैसे अधिक स्थिर बाजारों की तरफ देख रहे हैं। वीके विजयकुमार के मुताबिक रुपये में स्थिरता और देश के लार्ज-कैप स्टॉक्स की सही वैल्यूएशन से विदेशी निवेशकों का भारत में निवेश फिर बढ़ रहा है।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन में नरमी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सोमवार को फिर से बातचीत शुरू होने के संकेत दिए तो निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इससे मार्केट में सपोर्ट मिला है।
रुपये की मजबूती: कच्चे तेल में गिरावट से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे मजबूत होकर 95.12 पर पहुंचा। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार विदेशी फंड के आने, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी और आरबीआई के सपोर्ट ने रुपये को मजबूत किया है।
FMCG, IT और PSU Banks से मजबूत सपोर्ट: मार्केट को एफएमसीजी, आईटी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों से मजबूत सपोर्ट मिला है। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब डे़ढ़ फीसदी की बढ़त है।
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि अप्रैल, मई और जुलाई के हाई लेवल के आस-पास होने के चलते मार्केट में थोड़ी गिरावट या पुल-बैक की कोशिशें हो सकती हैं, जिससे 24600 का लेवल पार करना बड़ी चुनौती बन सकती है। आनंद का मानना है कि निफ्टी का बेस अब 24100 के लेवल पर शिफ्ट हो गया है, जहां 20-दिन और 10-दिन के SMA मिल रहे हैं। उनका कहना है कि इस बेस गिरावट के दौरान एक अहम लेवल के तौर पर देखा जा सकता है, और गिरावट पर खरीदारी करते समय शुरुआती टारगेट 24800 का रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।