Paint stocks : 17 नवंबर को सुबह के कारोबार में पेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आई है। कच्चे तेल की कीमतें चार महीने के निचले स्तर पर पहुंचने से इन कंपनियों की इनपुट लागत कम होने की उम्मीद जगी है जिसके चलते इन शेयरों में तेजी आई है। बता दें कि क्रूड डेरिवेटिव पेंट बनाने के लिए सबसे अहम कच्चे माल का काम करते हैं। इन पर आने वाला खर्च पेंट बनाने वाली कंपनियों के उत्पादन लागत का लगभग 40 फीसदी हिस्सा होता है। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का मतलब ये है कि पेंट कंपनियों के मार्जिन में इजाफा होगा।
अमेरिकी में कच्चे तेल के भंडार में अपेक्षा से ज्यादा बढ़त के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड पिछले दो कारोबारी सत्रों में लगभग 6 फीसदी गिरकर चार महीने के निचले स्तर 76.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल और ग्लोबल क्रूड डिमांड की चिंताओं ने भी क्रूड की कीमत में गिरावट में योगदान दिया है।
आज सुबह के कारोबारी सत्र में अक्जो नोबेल इंडिया (Akzo Nobel India),बर्जर पेंट्स, इंडिगो पेंट्स और शालीमार पेंट्स ने 3 फीसदी तक की छलांग लगाई है। एशियन पेंट्स ने इस तेजी में लीडरशिप की है। ये स्टॉक 3 फीसदी की छलांग लगाकर निफ्टी के टॉप गेनरों में शामिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में मौजूदा गिरावट के साथ ही अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में पेंट कंपनियों की मांग में सुधार की उम्मीद ने भी पेंट कंपनियों में जोश भरा है। इसके अलावा, एशियन पेंट्स ने 1 नवंबर से कीमतों में 1 की कटौती की घोषणा की है। मैक्वेरी (Macquarie) के मुताबिक कंपनी के इस कदम से साफ होता है कि उसके इनपुट लागत में गिरावट से राहत मिली है। इस ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने एशियन पेंट्स को 3,800 रुपये के टारगेट के साथ "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है।
हालांकि, पेंट सेक्टर के लिए कुछ परेशानियां अभी भी बनी हुई हैं। ग्रासिम की चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक पेंट कारोबार में प्रवेश करने की योजना करीब आ रही है। इस सेक्टर में एक बड़े खिलाड़ी के प्रवेश से पेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।