पारस डिफेंस, MTAR और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स... डिफेंस शेयरों में लगातार 5वें दिन तेजी, ये हैं 3 बड़े कारण

Defence Shares: डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में आज 26 दिसंबर को लगातार पांचवें दिन तेजी देखने को मिली। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते भूराजनीतिक तनाव और आज साल के आखिर में होने वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग के चलते इन शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 3:48 PM
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Defence Shares: डिफेंस शेयरों में तेजी की एक वजह ग्लोबल स्तर पर बढ़ता तनाव भी है

Defence Shares: डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में आज 26 दिसंबर को लगातार पांचवें दिन तेजी देखने को मिली। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते भूराजनीतिक तनाव और आज साल के आखिर में होने वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग के चलते इन शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, MTAR टेक्नोलॉजीज और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) के शेयर कारोबार के दौरान 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए और यह निफ्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया।

इस दौरान निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत चढ़ा, जो सभी सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा। डिफेंस शेयरों में इस तेजी के पीछे 3 बड़े कारण हैं-


1. DAC बैठक में ₹80,000 करोड़ के सौदों पर लग सकती है मुहर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली DAC बैठक में करीब ₹80,000 करोड़ के डिफेंस सौदों को मंजूरी मिल सकती है। इन प्रस्तावों का मकसद देश की एयर डिफेंस और इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनिसेंस (ISR) क्षमताओं को मजबूत करना है।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एजेंडा में एम्ब्रेयर-आधारित एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम की खरीद और NETRA AEW इंटीग्रेशन जैसे अहम प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं। अगर इन सौदों को हरी झंडी मिलती है, तो इससे डिफेंस सेक्टर की सरकारी और निजी कंपनियों के ऑर्डर बुक में तेजी देखने को मिल सकती है।

2. भूराजनीतिक तनावों ने भी बढ़ाया डिफेंस शेयरों का आकर्षण

डिफेंस शेयरों में तेजी की एक वजह ग्लोबल स्तर पर बढ़ता तनाव भी है। अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के तेल शिपमेंट पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और नाइजीरिया सरकार के अनुरोध पर नॉर्थ-वेस्ट नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हैं। वेनेजुएला और नाइजीरिया दोनों ही ऑयल का उत्पादन करने वाले मुख्य देश हैं। ऐसे में इन घटनाओं ने ग्लोबल अनिश्चितता को बढ़ाया है, जिसका फायदा डिफेंस सेक्टर के शेयरों को मिल रहा है।

3. बजट 2026-27 में डिफेंस खर्च बढ़ने की उम्मीद

डिफेंस शेयरों को लेकर पॉजिटिव सेंटीमेंट की एक बड़ी वजह आगामी केंद्रीय बजट भी है। उम्मीद जताई जा रही है कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में रक्षा बजट में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

पिछले महीने FICCI की सालाना आम बैठक में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि भारत एक “कठिन पड़ोस” में स्थित है और सरकार अगले बजट में रक्षा के लिए ज्यादा आवंटन की मांग करेगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि परंपरागत रूप से हर साल डिफेंस बजट में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती रही है।

डिफेंस इंडेक्स की मौजूदा स्थिति

सुबह 10:30 बजे के आसपास निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,870 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पिछले पांच दिनों में यह इंडेक्स कुल मिलाकर करीब 6.5 प्रतिशत चढ़ चुका है। हालांकि, इसके बावजूद यह अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 14 प्रतिशत नीचे बना हुआ है।

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