दिग्गज बैंकर आदित्य पुरी ने मंगलवार को Paytm के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि हाल ही में लिस्टेड फाइनेंशियल सर्विसेज मुहैया कराने वाली कंपनी Paytm ने ग्राहकों को कैशबैक का लालच देकर जोड़ा है। आदित्य पुरी ने HDFC Bank की शुरुआत से इसे देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक बनाया है। आदित्य पुरी HDFC Bank से 2020 में रिटायर हुए थे।
मंगलवार को आदित्य पुरी ने कहा कि Paytm अगर कैश बैक देकर ग्राहकों को जोड़ रही है तो प्रॉफिट कहां है।
आदित्य पुरी ने क्यों दिया ये बयान?
पुरी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट जारी है। पेटीएम के शेयर अपने आईपीओ इश्यू प्राइस से इस समय करीब 75 फीसदी कम कारोबार कर रहे हैं। मंगलवार को पेटीएम के शेयर NSE पर करीब 2 फीसदी गिरकर 524.50 रुपपे पर बंद हुए।
आदित्य पुरी ने मुंबई यूनिवर्सिटी में आयोजित आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में कहा, "Paytm इतना भुगतान करती है लेकिन मुनाफा कब कमाएगी?" पुरी ने कहा कि एक बैंक के उलट पेटीएम ने कैशबैक देकर अपने लाखों ग्राहकों को जोड़ा है, जबकि एक बैंक अपनी सेवाओं की पेशकश के लिए शुल्क लेता है और लाभ कमाता है।
आदित्य पुरी ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों को सर्विस देने के बदले चार्ज करते हैं। इससे बैंकों को आमदनी होती है और वो मुनाफे में रहते हैं। जबकि Paytm लाखों ग्राहकों को जोड़ने के लिए कैशबैक देती है।
पुरी ने कहा कि एमेजॉन और गूगल पे जिस तरह की सर्विस मुहैया कराते हैं उस आधार पर वो चाहें भी तो बैंक की तरह काम नहीं कर सकते हैं। बैंक का एक ब्रांड होता है। ग्राहकों का उस पर भरोसा होता है।